{“_id”:”66ce31918fc366f8550898f6″,”slug”:”water-filled-in-railway-underpass-problems-of-15-villages-increased-orai-news-c-224-1-ka11004-118968-2024-08-28″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: रेलवे अंडरपास में भरा पानी, 15 गांवों की बढ़ गई परेशानी”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
उरई। झांसी कानपुर रेलमार्ग के करमेर रोड रेलवे क्रॉसिंग नंबर 183 पर बने अंडरपास में पानी भरने के कारण 15 गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। पानी भरने के कारण स्कूली बच्चों के स्कूल आने में दिक्कत हो रही है। मंगलवार को एक एंबुलेंस भी इसमें फंसने से बच गई। एंबुलेंस चालक दूसरे रास्ते से एंबुलेंस को लेकर मरीज को लेने गया। इसे लेकर कई लोगों ने नाराजगी भी जाहिर की।
करमेर रोड के अंडरपास की डिजाइन बनाते समय भी कई बार आपत्तियां जताई गई थी लेकिन मनमाने तरीके से अंडरपास बना दिया गया। इसका दंश अब राहगीरों को झेलना पड़ रहा है। बारिश में यहां जलभराव हो जाता है। इसकी वजह से आवागमन प्रभावित होता है। दो दिन की बारिश में अंडरपास में पानी भर गया। पानी भरने के कारण आवागमन ठप हो गया। इसके चलते अजनारा, मिनौरा कालपी, जौराखेरा, करमेर, बम्हौरी, संदी, अकोढ़ी, लैकूपुर, तगारेपुर, इटौरा समेत 15 गांवों के लोगों को आवागमन में दिक्कत बढ़ गई।
लोगों को अब मुख्यालय आने के लिए बाईपास होकर ऐर वाले मार्ग से आते है। इसके चलते उन्हें करीब छह किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। मंगलवार को एक एंबुलेंस भी अंडरपास में पानी अधिक होने के कारण मरीज को लेने नहीं जा पाई। एंबुलेंस को घूमकर जाना पड़ा। अंडरपास में पानी भरा होने के कारण दो छात्राओं ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी डाल दिया है।
ग्रामीणों ने बताई परेशानी
लैकूपुर के अरविंद पाल का कहना है कि दूध का काम करते है। वह दोनों समय बाइक से दूध लेकर मुख्यालय बेचने आते है। अंडरपास में पानी भरने के कारण डर लगा रहता है, इसलिए घूमकर आते है। रेल अधिकारियों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। करमेर के रामप्रताप का कहना है कि राजेंद्रनगर मोहल्ले में उनकी मोबाइल के एसेसरीज की दुकान है। वह भी रोजाना गांव से अप डाउन करते है। अंडरपास में पानी भरने के लेकर बड़ी दिक्कत होती है। घूमकर आना पड़ता है। यदि कोई बीमार हो जाता है तो दिक्कत बढ़ जाती है।
बोले जिम्मेदार
अंडरपास में पानी भरने की समस्या रोकने के लिए पपिंग सैट की व्यवस्था की गई है। जब भी पानी बरसता है तो ठेकेदार को पानी निकालने की जिम्मेदारी दी गई है। यदि ठेकेदार पानी निकालने में लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -विवेक दुबे, सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलवे
