उरई (कालपी)। धौलपुर बांध से छोड़े गए पानी से यमुना और उसकी सहायक नदियां फिर उफनाने लगी हैं। कालपी के मंगरौल का रपटा पूरी तरह से डूब गया है। इससे मंगरौल और पड़री का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। बाढ़ की आशंका से ग्रामीण फिर दहशत में हैं। रविवार की शाम यमुना का जलस्तर 106 मीटर तक पहुंच गया। हालांकि यह खतरे के निशान 108 मीटर से नीचे है, लेकिन जलस्तर 30 से 40 सेंटीमीटर प्रति घंटे की स्पीड से बढ़ रहा है। यह चिंता की बात है।

पिछले महीने 28 जुलाई से यमुना का जलस्तर निरंतर बढ़ना चालू हुआ था जो खतरे के निशान से पांच मीटर ऊपर अधिक हो गया था। कई ग्रामों में यमुना का पानी घरों में घुस गया था और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। किसानों की फसलें भी यमुना के पानी में डूब कर पूरी तरीके से बर्बाद हो गई थी। शनिवार रात से यमुना का जलस्तर बढ़ना चालू हो गया है जो रविवार शाम छह बजे तक 106 मीटर तक पहुंच गया है।

बेतवा नहर के अधिशासी अभियंता धर्मघोष ने बताया कि राजस्थान के धौलपुर बांध से 23 अगस्त को चंबल में पानी छोड़ा गया था। इसी का असर पड़ा है। यमुना का जलस्तर 30 से 40 सेंटीमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से बढ़ रहा है। अगर रात तक इसी तरह यमुना का जल स्तर बढ़ता रहा तो चेतावनी 107 एवं खतरे के निशान 108 के ऊपर जलस्तर पहुंच सकता है।

महेवा एवं कदौरा मिलाकर 36 गांव हो जाएंगे बाढ़ प्रभावित

महेबा क्षेत्र के ग्राम कीरतपुर, शेखपुर गुढा, देवकली, हीरापुर, मैनूपुर, उरकरा, जीतामऊ, दहेलखंड, सिकरी रहमानपुर, महेवा, मंगरौल, गुढाखास, पड़री, रायड दिवारा सहित कई गांव बाढ़ प्रभावित है। पिछले महीने आई बाढ़ से ग्रामीणों के हुए नुकसान की अभी तक भरपाई नहीं हो पाई थी। कई जगह पर शासन द्वारा राहत सामग्री भी नहीं पहुंचाई गई थी। ग्रामीणों के हुए नुकसान का स्थानीय प्रशासन के द्वारा कोई सर्वे नहीं किया गया। अभी दोबारा से यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा है। जिससे ग्रामीणों में दहशत है।

एक बार फिर पहूज व सिंध नदी का बढ़ा जलस्तर

रामपुरा। एक बार फिर रामपुरा क्षेत्र की सभी नदिया उफान पर हैं। रामपुरा क्षेत्र में बहने वाली पहूज, सिंध, यमुना, कुंवारी व चंबल नदिया उफान पर हैं। नदियापार इलाके में बहने वाली नदी सिंध व पहूज का जलस्तर निरंतर बढ़ रहा हैं। नदी के किनारे बसे निनावली, किशनपुरा, चांदनपुरा, डिकौली जागीर, बिल्हौड़, जखेता, हुकुमपुरा, सुल्तानपुरा जागीर, सिद्धपुरा, रिठौरा, मिर्जापुरा जागीर, लक्ष्मनपुरा, सुंदरपुरा, कूसेपुरा, नरौल, कदमपुरा आदि गांवों के ग्रामीणों में बाढ़ खतरा सताने लगा है।

ग्रामीण राकेश, बबलू, कीरत, अरविन्द, बच्चू, रवि आदि लोगों ने कहा कि अगर पहूज व सिंध नदी का जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो रात गुजरते ही नदी का पानी गांव के अंदर दाखिल हो जाएगा। वर्तमान में नदियों के बढ़े जलस्तर से कुसेपूरा नरौल मार्ग व बिल्हौड़ से जखेता मार्ग बाधित हो गया हैं। एसडीएम राकेश कुमार सोनी ने कहा कि इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रही हैं। लेखपालों व कानूनगो को इन इलाकों पर निगरानी के लिए भेजा जा चुका हैं। अगर नदियों का जलस्तर निरंतर बढ़ता है तो नदी के किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों को सुरक्षित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। (संवाद)

शनिवार रात से यमुना का जलस्तर बढ़ने से मंगरौल, पड़री रपटा के ऊपर से पानी चलने लगा है। इससे कालपी तहसील मुख्यालय आने वाले दो गांव का सीधा कट गया है। प्रशासन ने ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए रपटे पर नाव को भेज दिया गया है। जिस तरीके से प्रतिघंटे के हिसाब से यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। उस हिसाब से रात 12 बजे तक यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। यमुना के तटीय इलाके के ग्रामीणों को सचेत रहने के लिए आग्रह किया गया है।

– मनोज कुमार, एसडीएम

यमुना का जल स्तर बढ़ने से बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। अभी यमुना खतरे के निशान के नीचे हैं। फिर भी पूरी तैयारी है। किसी को भी परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

संजय कुमार, एडीएम जालौन

फोटो -07 यमुना नदी का तेजी से बढ़ता जलस्तर। स्रोत

फोटो -07 यमुना नदी का तेजी से बढ़ता जलस्तर। स्रोत

फोटो -07 यमुना नदी का तेजी से बढ़ता जलस्तर। स्रोत

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