78 वर्षों की विश्वसनीय पत्रकारिता के साथ स्वर्णिम शताब्दी की ओर बढ़ रहा अमर उजाला समूह राजधानी के होटल द सेंट्रम में ‘अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026’ का आयोजन करने जा रहा है। 18 और 19 मई को होने जा रहे इस कार्यक्रम में मंच पर सत्ता पक्ष होगा तो विपक्ष की आवाज भी होगी। फिल्मों की चमक होगी तो जमीन से जुड़ी राजनीति का अनुभव अनुभव भी। यही इस संवाद की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहां से निकले विचारों से देश को एक नई दिशा और नया दृष्टिकोण मिलेगा। 

विकास, संगठन व सियासत के समीकरणों के केंद्र में केशव मौर्य

उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य लंबे समय से भाजपा के संगठन और ओबीसी राजनीति के मजबूत चेहरे माने जाते हैं। हाल के महीनों में प्रदेश में संगठन विस्तार, पंचायत स्तर तक राजनीतिक पकड़ और सरकार की योजनाओं को गांवों तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अहम रही है। पिछड़े वर्ग की राजनीति में मजबूत पकड़ उन्हें भाजपा के अहम रणनीतिक चेहरों में शामिल करती है। संवाद में वह यूपी के सुशासन और बदलते राजनीतिक समीकरणों पर बात रखेंगे।

स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के कारण चर्चा में ब्रजेश पाठक

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में लगातार सुधार और प्रशासनिक सक्रियता को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। अस्पतालों के औचक निरीक्षण से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनिटरिंग तक, उनकी कार्यशैली ने उन्हें जनता के बीच एक सक्रिय मंत्री की पहचान दी है। संवाद में वह सुशासन और विकास के मॉडल पर अपने विचार रखेंगे।

विपक्ष की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा बने अखिलेश यादव

अखिलेश यादव इस समय विपक्ष की सबसे मजबूत आवाज हैं। लोकसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी भूमिका और प्रभाव बढ़ा है। युवाओं, किसानों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लगातार उठाने वाले अखिलेश यादव नई पीढ़ी के राजनीतिक नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। संवाद में वह राजनीति, लोकतंत्र और उत्तर प्रदेश की बदलती सामाजिक तस्वीर पर अपनी बात रखेंगे।

क्रिकेट से राजनीति तक नवजोत सिंह सिद्ध की अलग पहचान

1983 से 1999 के बीच खेले 187 अंतर्राष्ट्रीय मैंचों में 33. शतक बनाने वाले नवजोत सिंह सिद्ध की भाषा, बोलने का शायराना अंदाज और संवाद शैली उन्हें भीड़ से अलग बनाती है। क्रिकेट की दुनिया से राजनीति और फिर टेलीविजन तक, सिद्ध ने हर मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई। राजनीति, अनुभव और हास्य संवाद में उनका सत्र का अनोखा मिश्रण होगा।

अभिनय से आगे बढ़कर कहानी चुनने वाले अभिनेता बने रणदीप

रणदीप हुड्डा उन अभिनेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने स्टारडम से ज्यादा किरदारों को महत्व दिया। उनके निभाए गए किरदारों की गहराई ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री का एक बड़ा अभिनेता साबित किया है। ‘सरबजीत’, ‘हाइवे’ और कई गंभीर फिल्मों में उनके अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक सराहा गया। हरियाणा से निकलकर मुंबई तक का उनका सफर संघर्ष और धैर्य की कहानी माना जाता है। संवाद में वह सपने, संघर्ष और सिनेमा पर बात करेंगे।

नई पीढ़ी की आवाज श्वेता त्रिपाठी

श्वेता त्रिपाठी आज उस नए भारतीय सिनेमा का चेहरा हैं जहां अभिनय चमक से नहीं, संवेदनशीलता से पहचाना जाता है। ‘मसान’, ‘मिर्जापुर’ और कई चर्चित प्रोजेक्ट्स में अपने अभिनय से उन्होंने साबित किया कि मजबूत अभिनय के लिए बड़े पर्दे से ज्यादा जरूरी मजबूत कहानी होती है। श्वेता त्रिपाठी को सबसे बड़ी पहचान यह है कि वह अपने किरदारों को सिर्फ निभाती नहीं, बल्कि जीती हैं। वो नई सोच की नई नायिका हैं, इसी मुद्दे पर संवाद में बात करेंगी।



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