Ayodhya: The city of Ram glows like a bride; from Ram Path to Ram Ki Paidi

अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन।
– फोटो : amar ujala

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कहीं फूलों से सजे तोरण द्वार, कहीं रोशनी में नहाए मार्ग, कहीं रामायण की चौपाइयों से सुसज्जित होर्डिंग तो कहीं वातावरण में घुलती रामधुन। रामनगरी इन दिनों केवल सज नहीं रही, बल्कि मानो अपने आराध्य के स्वागत में त्रेतायुग को फिर से जी रही है। अयोध्या की गलियों से लेकर प्रमुख मार्गों और सरयू के घाटों तक दीपोत्सव का उल्लास उतर आया है। श्रीराम के आगमन की प्रतीक्षा में पूरी नगरी का शृंगार किया जा रहा है। इस अलौकिक तैयारी को आकार देने में जिले के 25 से अधिक विभागों के अधिकारी और कर्मचारी जुटे हैं।


पांच दिवसीय दीपोत्सव का आगाज सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों के साथ हो गया है। सात नवंबर को दीपोत्सव का मुख्य आयोजन होगा। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामकथा पार्क में प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे। राम की पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। अयोध्याधाम की सीमा में उदया चौराहे, चूड़ामणि चौराहे, धर्मपथ और लता चौक की ओर बढ़ते ही दीपोत्सव की भव्यता का अहसास होने लगता है।

रामपथ पर कदम रखते ही नजर डिवाइडर से लेकर दोनों ओर सजे होर्डिंग पर ठहर जाती है। कहीं भगवान श्रीराम की लंका विजय के बाद 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटने का उल्लास चित्रित है तो कहीं रामराज्य की परिकल्पना को साकार करती चौपाइयां अंकित हैं। किसी होर्डिंग पर दैहिक दैविक भौतिक तापा… की चौपाई रामराज्य का भाव जगा रही है तो कहीं कंचन कलश बिचित्र संवारे… के माध्यम से उत्सव की छटा उकेरी गई है।

लता चौक पहुंचते-पहुंचते दीपोत्सव की तैयारियों का उल्लास अपने चरम पर दिखाई देने लगता है। राम की पैड़ी पर पहुंचते ही दृश्य और भी विहंगम हो उठता है। घाटों पर स्वयंसेवक दीपों की कतारें सजाने में जुटे हैं। कोई दीपों को करीने से बिछा रहा है तो कोई घाटों की साज-सज्जा को अंतिम रूप दे रहा है। दूसरी ओर विभिन्न विभागों के कर्मचारी लेजर शो, ड्रोन शो और प्रोजेक्शन मैपिंग के रिहर्सल में व्यस्त हैं।



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