श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं मणिराम दास छावनी के महंत महंत नृत्य गोपाल दास के 88वें जन्मोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज की अयोध्या पूरे विश्व में सनातन आस्था और भारतीय संस्कृति का केंद्र बन चुकी है। रामभक्तों और संत समाज को किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार या षड्यंत्र में पड़ने की आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब अयोध्या की उपेक्षा होती थी, लेकिन आज रामनगरी का गौरव पूरी दुनिया में बढ़ा है। उन्होंने इसका श्रेय संतों के संघर्ष, रामभक्तों के समर्पण और केंद्र व प्रदेश की डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता को दिया। अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भी भारत सही दिशा में आगे बढ़ता है, तब कुछ लोग भ्रम और विवाद फैलाने का प्रयास करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार काशी की पहचान भगवान शिव से, वृंदावन की पहचान भगवान कृष्ण से और प्रयागराज की पहचान सनातन समरसता से है, उसी प्रकार अयोध्या की पहचान मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम से है। उन्होंने कहा कि किसी को भी इन धार्मिक स्थलों की गरिमा और पहचान के साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।
मंदिर के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने घर-घर राम, हर घर रामायण की किट और गदा देकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया। शुक्रवार से रामकथा का भी शुभारंभ हुआ। महंत मिथिलेश नंदिनी शरण प्रवचन करेंगे। संचालन डॉक्टर रामानंद दास ने किया। कार्यक्रम को जगद्गुरु वासुदेवाचार्य, महंत मैथिली रमण शरण, अधिकारी राजकुमार दास, महंत राम कुमार दास, नेपाल से आए जगद्गुरु रामकृष्णाचार्य व राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने भी संबाेधित किया। इस दौरान प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महंत महेंद्र दास, आचार्य राधेश्याम शास्त्री, शरद शर्मा, आकाश मणि त्रिपाठी, राजानंद शास्त्री सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
