नाली, सड़क, फुटपाथ, पानी की लाइन, स्ट्रीट लाइट या पार्क जैसी सुविधाओं के लिए लोग नगर निगम कार्यालय के एक महीने से चक्कर काटकर परेशान हैं। करीब 150 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्य अटके हुए हैं। दरअसल, नगर निगम में अधिवेशन न होने के कारण अब तक वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट मंजूर नहीं हुआ है। अब बसपा के बाद भाजपा के पार्षदों ने भी मेयर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और उन पर नियम विरुद्ध नगर निगम का संचालन करने का आरोप लगाया है।
