आगरा में सरकारी पेयजल योजना के लिए पाइप सप्लाई के नाम पर जल निगम के ठेकेदार से 1.78 करोड़ रुपये एडवांस लेकर आरोपियों ने 65 लाख रुपये का ही माल भेजा। बकाया रकम मांगने पर हिसाब खत्म बता दिया। तकादा करने पर पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस आयुक्त से शिकायत करने पर हरीपर्वत थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
संजय पैलेस के एचआईजी फ्लैट निवासी जल निगम के सरकारी ठेकेदार महेश उपाध्याय ने बताया कि चरखारी नगर पंचायत, महोबा की अमृत-2.0 पेयजल योजना के काम के लिए उन्हें बड़ी मात्रा में पाइप की जरूरत थी। पुराने परिचित संतोष गुप्ता ने अपने भतीजे रिषभ गुप्ता, निवासी शाहगंज से मिलवाया। रिषभ आरएसजी कॉन्ट्रैक्टर्स एलएलपी, 5 राधिका एस्टेट, सिकंदरा का साझीदार है। भरोसे पर 30 दिसंबर, 2023 को 2.18 करोड़ रुपये का पर्चेज ऑर्डर दिया गया।
इसके बाद 3 फरवरी, 2024 को आरएसजी के खाते में 1,78,82,996 रुपये आरटीजीएस से भेजे गए। इसके बाद करीब 65 लाख रुपये का ही माल मिला। बार-बार कहने के बावजूद शेष माल नहीं भेजा गया और बकाया 1,13,82,966 रुपये भी वापस नहीं किए गए। आरोप है कि रिषभ व उसके चाचा संतोष ने फोन उठाना भी बंद कर दिया।
महेश के मुताबिक 9 दिसंबर, 2025 को बकाया मांगने पर पदमदीप बिल्डिंग, संजय पैलेस में बुलाकर कुछ बिल देकर हिसाब बराबर होने की बात कही। तकादा करने पर पिस्टल दिखाकर धमकाया। दिए गए बिलों की जांच में वे फर्जी मिले। जानकारी हुई कि आरोपी रिषभ पाइप का काम नहीं करता है। उसने दूसरी फर्म से माल खरीद कर भेजा था। उसकी नीयत शुरुआत से ही खराब थी। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि जांच के बाद रिषभ गुप्ता, संतोष गुप्ता और आरएसजी कंस्ट्रक्शन के साझीदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले में विधिक कार्रवाई कर रही है।
