आगरा के थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक विजय विक्रम सिंह के बाद एसीपी सदर राम प्रवेश गुप्ता पर भी गाज गिर गई। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने सोमवार को उन्हें सदर से हटा दिया। उन्हें एसीपी कानून व्यवस्था बनाया गया है। नौ माह में उन्हें दूसरी बार हटाया गया। उनके स्थान पर एसीपी हरीपर्वत अमीषा सिंह को जिम्मेदारी दी गई है।
सदर स्थित नंद प्लाजा में कैफे संचालित मिले थे। इनमें बने केबिन युवक-युवतियों को घंटों के हिसाब से किराए पर दिए जाते थे। एलआईयू की सूचना पर छापा मारा गया था। पुलिस की मिलीभगत सामने आई थी। थाना प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाजिर किया गया था। इससे पहले एसीपी रामप्रवेश गुप्ता के खिलाफ दिसंबर 2025 में भी कार्रवाई हुई थी। तब किरावली थाने में किसान की पिटाई की गई थी। रामप्रवेश गुप्ता अछनेरा सर्किल में तैनात थे। चार पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया था।
वहीं एसीपी हरीपर्वत आईपीएस बजरंग प्रसाद को बनाया गया है। वह मूलरूप से बस्ती के रहने वाले हैं। उनके अलावा एसीपी खेरागढ़ प्रीता को एसीपी ऑफिस बनाया गया है। एसीपी ऑफिस सुनीता चौहान को एसीपी खेरागढ़ बनाया गया है।