पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई के इशारे पर एक महिला नेता की हत्या करने की साजिश रचने वाले आजमगढ़ के मोहम्मद शेख ने कई युवाओं को भी आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए तैयार कर लिया था। वह युवाओं का ब्रेनवॉश करने के लिए उनकी अपने हैंडलर्स और शहजाद भट्टी से बात भी कराता था।
एटीएस उसके साथियों को तलाश रही है। कुछ युवकों को हिरासत में लेकर छानबीन जारी है। एटीएस ने मोहम्मद शेख को रिमांड पर लेने के लिए अदालत में अर्जी दी है, जिस पर बुधवार को फैसला आने की उम्मीद है।
शहजाद भट्टी के नेटवर्क में शामिल कर लिया गया
सूत्रों के मुताबिक, हाईस्कूल तक की पढ़ाई करने वाला मोहम्मद शेख आजमगढ़ के संजरपुर में अपने पिता की हार्डवेयर की दुकान में काम करता था। मोबाइल का लती होने की वजह से वह आतंकी संगठनों के संपर्क में आया, जिसके बाद उसे शहजाद भट्टी के नेटवर्क में शामिल कर लिया गया।
वह शहजाद से अक्सर बात करता था, जिसने उसका परिचय आईएसआई के हैंडलर्स से कराया। मोहम्मद शेख के कट्टरपंथी होने का फायदा आईएसआई ने उठाते हुए उससे कुछ अन्य युवाओं को भी अपने साथ जोड़ने को कहा। उसे लाखों रुपये देने का लालच भी दिया।
कट्टरपंथी विचारधारा वाले मुस्लिम युवाओं से संपर्क करने लगा
आईएसआई के झांसे में आकर वह सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी विचारधारा वाले मुस्लिम युवाओं से संपर्क करने लगा और उनके बारे में हैंडलर्स को जानकारी भेजने लगा। उसके पास से बरामद 9 एमएम की पिस्टल कहां से आई थी, इसके बारे में एटीएस पता लगा रही है। उसे रिमांड पर लेने के बाद पूछताछ में कई संवेदनशील जानकारियां मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
