इटावा जिले में विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता, लेखाधिकारी और विभागीय ठेकेदार के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी और दस्तावेजों में कूटरचना के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। मामला न्यायालय के आदेश पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 468 के तहत दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता अजय द्विवेदी ने अधिकारियों और ठेकेदार पर मिलीभगत कर करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता करने के आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ता अजय द्विवेदी के मुताबिक, विद्युत विभाग में फर्जी पंजीकरण और कागजों में कार्य दर्शाकर भुगतान किए जाने का आरोप है। उन्होंने दावा किया कि आरटीआई के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कई अनियमितताओं का पता चला है। उनके अनुसार, एक वर्ष में एक करोड़ रुपये से अधिक की कथित हेराफेरी सामने आई है।
