जाजमऊ पुराने गंगापुल (लखनऊ-कानपुर मार्ग) की बेयरिंग बदलने के लिए रविवार से डायवर्जन का ट्रायल शुरू हो गया। पहले दिन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अधिकारियों ने उन्नाव पुलिस के साथ मिलकर तीन स्थानों पर बैरियर लगाए। हालांकि दोपहर 12 बजे के बजाय ढाई बजे बोल्डर रखे गए। वहीं, 60 किमी की दूरी से बचने के लिए गदनखेड़ा उन्नाव बाईपास से कानपुर की ओर आने वाले भारी वाहन बदरका चौराहा आजाद मार्ग होकर मरहला चौराहे की ओर से निकलने लगे। इससे शुक्लागंज छोर पर वाहनों का लोड बढ़ गया।

एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने बताया कि रविवार को एनएचएआई की ओर से बदरका चौराहा, त्रिभुवनखेड़ा और जाजमऊ पुलिस चौकी के पास भारी वाहनों को रोकने के लिए पत्थर के बोल्डर रखवाए गए। बदरका चौराहे पर डायवर्जन से संबंधित एक नोटिस बोर्ड भी लगाया गया है। बदरका चौराहे पर एक टीएसआई, दो हवलदार और दो सिपाहियों की तैनाती की गई है। टीएसआई नसीरउद्दीन ने बताया कि यहां वाहनों का लोड अधिक है जबकि फोर्स कम है।

अब सोमवार से दो दिन तक डायवर्जन लागू कर देखा जाएगा कि कहीं कोई दिक्कत या जाम की स्थिति तो नहीं बन रही है। इसके आधार पर अगर जरूरत हुई तो डायवर्जन प्लान में कुछ बदलाव किया जाएगा और फिर 16 सितंबर से इसे पूरी तरह लागू कर पुल की बेयरिंग बदलने का कार्य शुरू कराया जाएगा। इस दौरान विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगातार निरीक्षण करते रहेंगे। बता दें कि पुल पर डायवर्जन के दौरान वाहन सवारों को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, एनएच-30, एनएच-31, एनएच-34, एनएच-335 व अन्य वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कराया जाएगा।



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