आईआईटी कानपुर भारतीय वायुसेना की ताकत को और बढ़ाएगा। उसके लिए भविष्य में आने वाली चुनौतियों का तकनीकी आधारित समाधान निकालेगा। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स के माध्यम से होगा। संस्थान के विशेषज्ञ सुरक्षा, सर्विलांस, आपदा प्रबंधन और त्वरित कार्रवाई के लिए टूल्स विकसित करेंगे, जो कि पूरी तरह से स्वेदशी रहेंगे। इस कार्य के लिए नई दिल्ली स्थित वायु भवन में भारतीय वायुसेना और आईआईटी कानपुर के बीच करार हुआ है।
भारतीय सेना अब स्वदेशी तकनीक से स्वयं को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। सेना के अधिकारी देश की अलग अलग आईआईटी से संपर्क कर रहे हैं। आईआईटी कानपुर में भी वर्तमान समय कॉमिकेज ड्रोन, साइबर सुरक्षा टूल समेत अत्याधुनिक सेंसर विकसित किए जा रहे हैं। वायु सेना ने स्वदेशी तकनीक से खुद की मजबूती के लिए आईआईटी कानपुर के साथ समझौता किया है। यह साझेदारी भारतीय वायुसेना की परिचालन विशेषज्ञता को अत्याधुनिक शोध क्षमता और उसके डीपटेक स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ेगी।
