पटियाली-गंजडुंडवारा रोड पर जिलानी गेस्ट हाउस के पास असम राइफल में तैनात फौजी राघवेंद्र सिंह यादव का मकान है। शुक्रवार शाम उनका बेटा राहुल यादव (30) और पोता आर्यन (10) घर में नीचे की मंजिल पर सो रहे थे। बहू टिंकी यादव (28) दूसरी मंजिल पर सब्जी काट रही थी। शाम करीब 4:30 बजे बाइक सवार तीन बदमाशों ने शादी का कार्ड देने के बहाने उनके घर का गेट खटखटाया। राहुल ने जैसे ही दरवाजा खोला, एक बदमाश ने उसके चेहरे पर तमंचे की बट मार दी। इससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।
राहुल को घायल कर तीनों बदमाश घर में घुस गए। उसकी आवाज सुनकर पत्नी और बेटा भागकर गेट पर पहुंचे तो बदमाशों ने तमंचे के बल पर उन्हें बंधक बनाने की कोशिश की। टिंकी शोर मचाते हुए बदमाशों से भिड़ गईं। मकान में शोर-शराबा होने पर पास में बकरी चरा रहे लोग मौके पर पहुंच गए। मकान के बाहर लोगों की भीड़ जुटती देख बदमाश हड़बड़ा गए। बदमाश परिवार को गोली मारने की धमकी देते हुए दूसरी मंजिल पर चले गए। इस दौरान हिम्मत जुटाकर टिंकी घायल पति और बच्चे के साथ गेट से बाहर निकल आईं और बाहर से कुंडी लगा दी। इससे बदमाश अंदर फंस गए।
दंपती ने बाहर निकलकर पुलिस को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर के चारों ओर घेराबंदी शुरू की तो एक बदमाश ने छत से छलांग लगा दी और घायल हो गया जबकि दो बदमाश घर में छिप गए। बदमाशों के पास असलहे थे इसलिए पुलिस ने भीड़ को मकान से करीब 100 मीटर दूर भेज दिया। करीब दो घंटे तक पुलिस घर को चारों ओर से घेरे रही।
सीओ सहावर दुर्गेश मिश्र के मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस टीम ने बदमाशों को बाहर निकालने के लिए ऑपरेशन शुरू किया। देर शाम सवा सात बजे पुलिस ने रोड पर ट्रैफिक रोक दिया, फिर सीढ़ी लगाकर पुलिस मकान की ऊपरी मंजिल में दाखिल हुई। शाम करीब 7:27 बजे मकान के अंदर से जैसे ही पहले राउंड फायर की आवाज आई, रोड पर भगदड़ मच गई। पुलिस टीम और बदमाशों के बीच करीब चार राउंड फायरिंग हुई। इस दौरान दोनों बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस 7:40 बजे उन्हें गिरफ्तार करके घर से बाहर लाई, फिर उपचार के लिए अस्पताल भेजा। इसके बाद पुलिस ने रोड पर ट्रैफिक को दोबारा चालू करा दिया।




