कानपुर के किदवईनगर के त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद अब परिवार के भीतर के माहौल को लेकर चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। बच्चियों की मां रेशमा और घर के आसपास के लोगों के अनुसार, हत्यारोपी पिता बेटियों को बेहद सख्ती और नियंत्रण में रखता था।
बाहर से देखने पर यह सब ‘ख्याल’ जैसा लगता था, लेकिन अब घटना के बाद वही व्यवहार सवालों के घेरे में है। जिस घर में शनिवार शाम तक जुड़वां बहनों की हंसी गूंजती थीं, सोमवार दोपहर वहां सन्नाटा पसरा दिखा। चुभने वाले सन्नाटे में बैठी रेशमा दोनों बेटियों का जिक्र करने पर बिलख पड़ती हैं।

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गैलरी मे खड़ी बच्चों की साइकिल
– फोटो : amar ujala
अन्य बच्चे उन्हें अक्सर बुलाने की कोशिश करते थे
बोली, बच्चियों को अपार्टमेंट के अन्य बच्चों के संग खेलने की छूट नहीं थी। अगर वे बाहर जाने या किसी से ज्यादा बातचीत करने की कोशिश करतीं, तो उन्हें डांट पड़ती थी। इसी डर से दोनों अधिकतर समय फ्लैट के अंदर ही रहती थीं। अपार्टमेंट के अन्य बच्चे उन्हें अक्सर बुलाने की कोशिश करते थे।

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Kanpur Double Murder
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बेटियों की जिद पर पिता ने दिलाई थी साइकिल
लेकिन या तो मना कर देतीं या फिर उन्हें आने की अनुमति नहीं मिलती थी। रेशमा ने कमरे के एक कोने में खड़ी साइकिल की ओर इशारा कर कहा कि बेटियों की जिद पर पिता ने ही यह दिलाई थी, लेकिन इसे चलाने की इजाजत भी फ्लैट के भीतर ही सीमित थी।

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Kanpur Double Murder
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लॉबी या कमरे के भीतर ही साइकिल चलाती थीं
बच्चियां अपार्टमेंट के बाहर खुले परिसर में साइकिल चलाने की इच्छा जताती थीं, मगर उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी जाती थी। दोनों बच्चियां अक्सर लॉबी या कमरे के भीतर ही साइकिल चलाती थीं। रेशमा ने बताया कि आरोपी दोनों बेटियों को उनसे दूर रखता था। बेटियां उनसे बात करना भी चाहें तो पति उन्हें रोक देता था।

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मां से बात करने पर पीटता, चोरी छिपे करतीं थीं बात
उसकी डांट का डर ऐसा थी कि उसके कहीं बाहर जाने पर भी बेटियां उनके पास आने में डरती थीं। कहती थीं पापा कैमरे से मोबाइल पर देख लेंगे तो पिटाई करेंगे। बताया कि जब पति शशिरंजन कई दिन के लिए चंडीगढ़ जाता था। तो बेटियां उनके पास रहती थीं। हालांकि कैमरे की निगरानी का डर उन्हें तब भी सताया करता था। साथ खाना खाने के दौरान बेटियां उनसे अक्सर बात कर पाती थीं। ज्यादातर समय वह पिता के कमरे में ही रहती थीं।
