कानपुर में जुड़वां बहनें रिद्धि-सिद्धि की मौत के बाद उनके शवों का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के हाथ भी गले के घाव को देखकर कांप उठे। दोनों मासूमों के गले पर चापड़ रख हथौड़ा मारने के कारण 12 स्कवॉयर सेंटीमीटर का घाव हो गया था। यह श्वांस नली के पास चार सेंटीमीटर लंबा और तीन सेंटीमीटर चौड़ा घाव था।
वहीं, डॉक्टरों को शरीर पर कहीं अन्य चोट के निशान नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम करने वाले डॉ विपुल, डॉ महेंद्र ने इस बात से आश्चर्य थे कि आखिर जिन मासूमों ने पहली बार अपने गले से पापा बोला होगा उसी निर्दय पिता ने क्रूरतापूर्वक बड़ी बेरहमी से गले में चापड़ से हथौड़ा मारकर गला काट डाला।

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टीवी देखता बच्चियों को छोटा भाई
– फोटो : amar ujala
विसरा भी सुरक्षित किया गया
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर में नशीली दवा खाने की पुष्टि हुई है। जिस कारण शरीर शिथिल पड़ गया और हत्यारोपी पिता हैवान बन गया। विसरा भी सुरक्षित किया गया है। वहीं पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों का साफ कहना है कि धारदार हथियार से गला काटने से मौत की पुष्टि हुई है। जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं।

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गैलरी मे खड़ी बच्चों की साइकिल
– फोटो : amar ujala
15 दिन में लगेगी चार्जशीट, पत्नी-गार्ड और नौकरानी होंगे गवाह
त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में जुड़वां बहनों की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि करीब 15 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी चल रही है। केस को मजबूत बनाने के लिए पुलिस हर पहलू पर साक्ष्य जुटा रही है, ताकि अदालत में आरोपी के खिलाफ पुख्ता आधार प्रस्तुत किया जा सके।

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कमरे में लगा कैमरा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीनों के बयान कर लिए गए हैं दर्ज
पुलिस की जांच में सामने आया है कि हत्यारोपी शशिरंजन की पत्नी रेशमा, अपार्टमेंट का हंसपुरम के आवास विकास निवासी सिक्योरिटी गार्ड प्रेमनारायण दीक्षित और घर में काम करने वाली गोवर्धनपुरवा निवासी नौकरानी अमरावती उर्फ आशा इस मामले के प्रमुख गवाह होंगे। तीनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और इन्हें केस की कड़ी जोड़ने में अहम माना जा रहा है।

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कमरे में पड़े बच्चों के टेडी बियर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गार्ड और नौकरानी ने दिए हैं महत्वपूर्ण इनपुट
पत्नी के बयान से घरेलू हालात और घटना से पहले की परिस्थितियों पर रोशनी पड़ी है, जबकि गार्ड और नौकरानी ने आरोपी की गतिविधियों और आवाजाही से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट दिए हैं। वहीं, मौके पर किए गए बेंजाडाइन टेस्ट में हत्यारोपी के हाथ और कपड़ों पर लगा बच्चियों का खून उसे सजा दिलाने में सबसे महत्वपूर्ण साबित होंगे।
