पुलिस कभी तिल का ताड़ बना देती है तो कभी पहाड़ को राई। ऐसा इसलिए कह रहे हैं कि एक मामले में यही हुआ। आठ साल के मासूम की जान फॉर्च्यूनर की टक्कर से गई। पीड़ित परिजन की तहरीर पर अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज हुई। मृतक के पिता का दावा है कि कार चलाने वाले पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। विवेचक ने आरोप पत्र एक दूसरे व्यक्ति के नाम लगा दिया। जब उन्हें पता चला तो पुलिस आयुक्त से शिकायत की। विवेचना दूसरे थाने में ट्रांसफर करा ली मगर इस बार भी विवेचक ने पहले वाली विवेचना के आधार पर ही आरोप पत्र एसीपी कार्यालय भेज दिया। अब पीड़ित मां-पिता अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।

तुलसी चबूतरा, ताजगंज निवासी विजय ने बताया कि वह ई रिक्शा चलाते हैं। फरवरी में उन्होंने नए कारोबार की सोची थी। 6 फरवरी को बमरौली कटारा में फास्ट फूड की दुकान का मुहूर्त करने गए थे। इसमें पूरा परिवार शामिल हुआ था। सात साल का बेटा शिवा दुकान के बाहर ही खेल रहा था। तभी तेज गति में एक फॉर्च्यूनर कार आई। बेटे को टक्कर मार दी। हादसे के समय 13 साल की बेटी भारती भी माैजूद थी लेकिन वह बच गई। हादसे के बाद वो कार चालक को पकड़ने के लिए पीछे दौड़े मगर वो भाग निकला। बेटे की मौत से परिवार गम में था।

किसी तरह परिजन ने प्राथमिकी दर्ज कराई। बाद में पता चला कि कार चलाने वाला क्षेत्र का ही व्यक्ति है। विवेचना एसआई विश्वजीत ने की। उन्होंने ग्राम विझामई निवासी देवेंद्र कुमार का नाम बढ़ाकर आरोप पत्र दाखिल कर दिया। उसकी जमानत भी हो गई। विवेचना में दर्शाया कि वह कार का चालक है। बाद में कार भी थाने से छुड़ा ली गई। आरोप लगाया कि घटना के समय जो व्यक्ति कार चला रहा था, उसके खिलाफ आरोप पत्र नहीं लगाया गया जबकि वह घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। उन्होंने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। इस पर विवेचना थाना ताजगंज ट्रांसफर कर दी गई। विवेचना एसआई कपिल तोमर को मिली। उन्होंने एक ही बार थाने बुलाया। एक महीने बाद आरोप पत्र देवेंद्र के खिलाफ ही लगाकर एसीपी फतेहाबाद के पास भेज दिया। उन्होंने घटना के समय मौजूद लोगों के बयान नहीं लिए। परिवार के लोगों से भी कोई पूछताछ नहीं की। उनकी बेटी मामले में गवाह है। उसकी भी कोई गवाही नहीं ली। 

 डीसीपी पूर्वी जोन अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि मामले में पीड़ित की शिकायत के आधार पर जांच कराई जाएगी। अगर विवेचना में लापरवाही हुई है तो कार्रवाई होगी। साक्ष्य संकलन कराया जाएगा। इसके आधार पर ही आरोप पत्र दाखिल कराया जाएगा।, 

बेटे के गम में टूट गए पिता और मां

बेटे के गम में पिता विजय और मां लक्ष्मी पूरी तरह से टूट गए हैं। उनके तीन बच्चे थे। विजय ने बताया कि शिवा की हादसे में मृत्यु हो गई। 4 साल का बेटा नायरा और बेटी भारती हैं। वह भी भाई की याद करते हैं। वह बेटे की जान लेने वाले पर कार्रवाई कराना चाहते हैं। मगर पुलिस ध्यान नहीं दे रही है। शुक्रवार को भी पुलिस आयुक्त कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया। विवेचना ठीक से कराने की गुहार लगाई।

 



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