बरेली के नवाबगंज क्षेत्र में होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान केंद्र को लेकर हुए भ्रम के कारण अभ्यर्थी प्रीति देवी परीक्षा देने से वंचित रह गईं। यह मामला तब सामने आया जब उन्नाव जिले की जगह प्रीति बरेली के नवाबगंज स्थित परीक्षा केंद्र पर पहुंच गईं। उनका कहना है कि प्रवेश पत्र में जिले का स्पष्ट उल्लेख न होने और गूगल सर्च में समान नाम के स्कूल दिखने से यह भ्रम पैदा हुआ।
हरदोई के शहाबाद निवासी वीरेश सिंह अपनी पत्नी प्रीति देवी को परीक्षा दिलाने के लिए राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, नवाबगंज बरेली पहुंचे थे। जबकि उनके प्रवेश पत्र में परीक्षा केंद्र राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, नवाबगंज उन्नाव अंकित था। प्रीति देवी ने बताया कि उन्होंने गूगल पर स्कूल का नाम सर्च किया था, जिसमें नवाबगंज बरेली का सेंटर सामने आया। प्रवेश पत्र में जिले का स्पष्ट उल्लेख न होने के कारण वह उसी स्थान पर पहुंच गईं। जब तक उन्हें सही जानकारी मिली, तब तक परीक्षा शुरू हो चुकी थी और उनकी परीक्षा छूट गई।
केंद्र को लेकर भ्रम की स्थिति
प्रवेश पत्र में जिले का नाम स्पष्ट न होने से अभ्यर्थी भ्रमित हुए। गूगल सर्च में नवाबगंज नाम के दो अलग-अलग जिलों में स्कूल सामने आए। इसी वजह से प्रीति देवी गलत केंद्र पर पहुंच गईं। सही जानकारी मिलने तक परीक्षा का समय निकल चुका था। यह स्थिति परीक्षा आयोजकों की ओर से स्पष्टता की कमी को दर्शाती है।
पति ने दी थी बरेली में परीक्षा
प्रीति देवी के पति वीरेश सिंह ने भी अपनी परीक्षा बरेली में ही दी थी। उनके प्रवेश पत्र में भी जिले का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। उन्होंने गूगल सर्च के आधार पर बरेली के केंद्र पर पहुंचकर 25 अप्रैल को अपनी परीक्षा सफलतापूर्वक दी थी। लेकिन उनकी पत्नी के मामले में यह तरीका काम नहीं आया।
