मुरादाबाद शहर में विधायक लिखी तमाम गाड़ियां सड़कों में दाैड़ती दिख जाएंगी लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि अधिकांश गाड़ियां विधायकों के नाम पर दर्ज ही नहीं हैं। विधायक लिखी 12 कारों की पड़ताल की गई तो इनमें केवल एक कार ऐसी थी जो विधायक रामवीर सिंह के नाम से दर्ज पाई गई।

बाकी 11 गाड़ियां अलग-अलग लोगों के नाम से आरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हैं। यही हाल जिला पंचायत अध्यक्ष, मेयर, भाजपा जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष लिखी गाड़ियों का रहा। शहर में कांठ रोड हो, दिल्ली मार्ग हो या फिर रामपुर रोड।

किसी भी प्रमुख बाजार में देख लीजिए। हर जगह आपको विधायक लिखी गाड़ियां आसानी से नजर आ जाएंगी। कुछ पाॅश काॅलोनियों में तो बड़ी बड़ी कोठियों के आगे भी गाड़ियां आसानी से देखी जा सकती हैं।

अमर उजाला की पड़ताल में भी ऐसी ही 12 गाड़ियां शहर के अलग-अलग इलाकों में दाैड़ती नजर आईं। जब इन गाड़ियों के बारे में रिपोर्ट जुटाई गई तो सिर्फ एक कार ही विधायक के नाम पंजीकृत पाई गई।

वह थी कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह के नाम पर। जबकि 11 गाड़ियाें के स्वामी दूसरे लोग पाए गए। इसमें दो-तीन गाड़ियां माननीयों के परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज हैं। यही नहीं एक गाड़ी का रजिस्ट्रेशन तो फर्म के नाम मिला।

ये तो सिर्फ 12 गाड़ियों की पड़ताल है, बल्कि ऐसी गाड़ियों की संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। जबकि परिवहन विभाग के नियमों के मुताबिक गाड़ी पर कुछ भी नहीं लिख सकते हैं। शोरूम से जिस हालत में गाड़ी मिलती है उसी हालत में सड़क पर चलाई जानी चाहिए।



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