राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी की घटना के आरोपी सुभाष श्रीवास्तव ने पूछताछ में कई राज उगले हैं। दावा किया कि चढ़ावा चोरी का मामला कई महीने पहले भी सामने आया था। ट्रस्ट के पदाधिकारियों को इसकी जानकारी थी, लेकिन तब कुछ नहीं हुआ। इस बार मामला खुला तो रकम काफी अधिक थी, इसलिए पदाधिकारियों ने ही धरपकड़ कर रकम बरामद करनी शुरू कर दी थी।




पुलिस ने मामले में आठ आरोपियों को जेल भेजा था। इसमें टिन्नू यादव, गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र शामिल थे। पुलिस की विवेचना जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं। उसी आधार पर संबंधित आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर ले रही है। कोर्ट की मंजूरी के बाद बुधवार को पुलिस ने सुभाष और रमाशंकर को रिमांड पर लेकर पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, सुभाष ने अपनी मिलीभगत स्वीकार की। यह भी बताया कि मिलीभगत होने की वजह से वह इन्हीं लोगों की ड्यूटी गणना में लगाता था। जो भी रकम पार की जाती थी, उसमें कुछ हिस्सा उसे भी दिया जाता था।



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