ताखा। ऊसराहार थाना क्षेत्र के नगला जलाल गांव में बिजली की केबल डालने के विवाद में किसान चरण सिंह यादव की गोली मारकर हत्या के मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने से परिजनों में आक्रोश है। सोमवार को शव रखकर जाम लगाने के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। ग्रामीणों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी है। इधर, आरोपी राजा उर्फ राजकुमार यादव की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
रविवार शाम हुई वारदात के बाद से ही आरोपी फरार है। परिजन का आरोप है कि चरण सिंह को गोली मारने के बाद आरोपी ने घायल को अस्पताल ले जाते समय पिकअप पर भी फायरिंग की थी। लगातार फायरिंग से परिजन दहशत में आ गए थे। करीब 30 मिनट तक वे घायल चरण सिंह के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। ग्रामीणों की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव ले जाते समय कर्री पुलिया के पास तिराहे पर परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया था। उनका कहना था कि जब तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वह शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस अधिकारियों ने जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया, जिसके बाद परिजन शव लेकर गांव चले गए। करीब 15 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा।
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर गठित तीन पुलिस टीमें आरोपी की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। दोनों से आरोपी के संभावित ठिकाने और उसे पनाह देने वालों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। सीओ रामदवन मौर्य ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। आरोपी के संभावित ठिकानों और मददगारों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। जरूरत पड़ने पर न्यायालय से आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चरण सिंह यादव की हत्या के मामले में प्राथमिकी की तहरीर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। घटनास्थल पर विवाद का कारण बिजली की केबल डालना बताया जा रहा है, जबकि दर्ज तहरीर में इस विवाद का उल्लेख नहीं होने की बात सामने आई है। पुलिस इस बिंदु समेत घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। चरण सिंह अपनी मौसी सोनकली के मकान के सामने से बिजली की केबल डाल रहे थे। सोनकली के विरोध करने पर दोनों पक्षों में विवाद हुआ। घटना के करीब 12 घंटे बाद दी गई तहरीर में पांच लोगों को नामजद किया गया है। इसमें राजा के दूसरे भाई का नाम भी शामिल है। पुलिस गांव में बिजली कनेक्शनों की भी जानकारी जुटा रही है। गांव में सीमित संख्या में बिजली कनेक्शन हैं और चरण सिंह के नाम कनेक्शन नहीं था।
