कोंच। नदीगांव विकासखंड के करीब पांच हजार आबादी वाले ग्राम तीतरा खलीलपुर में अंतिम संस्कार तक की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है। न तो टिनशेड है और न ही बारिश से बचने के इंतजाम। मंगलवार को अंतिम संस्कार करने पहुंचे ग्रामीण पांच घंटे तक बारिश थमने का इंतजार करते रहे। आक्रोशित ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया।
उनका कहना था कि जब तक श्मशान घाट की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। मामला बढ़ता देख प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना पर लेखपाल उदय यादव, कानूनगो अजय त्रिवेदी और भेड़ चौकी प्रभारी विनीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने ग्रामीणों को समझाकर अंतिम संस्कार कराने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
इसके बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों की फोन पर एसडीएम अभिनव कुमार से वार्ता कराई। एसडीएम ने श्मशान घाट को दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण माने और कैंसर से जान गंवाने वाले शिवकुमार (47) का अंतिम संस्कार किया गया।
जमीन है, फिर भी नहीं बना श्मशान घाट
ग्रामीणों के मुताबिक तीतरा खलीलपुर में श्मशान घाट के लिए दो स्थानों पर जमीन उपलब्ध है। वर्षों पहले यहां बाउंड्रीवाल भी बनवाई गई थी, लेकिन अब वह टूटकर पड़ी है। ऊबड़-खाबड़ चबूतरा बना है और बारिश के बाद आसपास पानी भर जाता है। शवों के अंतिम संस्कार के दौरान बारिश से बचने के लिए टिनशेड तक की व्यवस्था नहीं है। इसके बावजूद वर्षों से श्मशान घाट पर कोई जरूरी निर्माण नहीं कराया गया। गांव के मजरा खेड़ाबेड़ा में भी श्मशान घाट की सुविधा नहीं है।
वर्जन
जहां-जहां श्मशान घाट की समस्या है, वहां की सूची संबंधित कर्मचारियों के साथ बैठक कर तैयार कराई जाएगी। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर श्मशान घाटों पर जरूरी काम जल्द कराए जाएंगे। – नरेश पाल, बीडीओ नदीगांव।

फोटो- 11 मौके पर आक्रोशित ग्रामीणों को समझाती राजस्व और पुलिस की टीम। संवाद
