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चंदौली जिले के गांव प्रतापपुर के आदर्श इंटर कॉलेज में एक्स्ट्रा क्लास के दौरान सहपाठी ने 10वीं के छात्र लवकुश यादव (17) के सीने में चाकू से चार बार वार कर हत्या कर दी। पुलिस की पूछताछ में आरोपी छात्र ने बताया कि लवकुश उसे दुबला-पतला कहकर चिढ़ाता था। कुछ दिन पहले इसी बात पर दोनों के बीच हाथापाई हुई थी। इसके बाद से वह बदला लेने की फिराक में था।
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छात्र लवकुश की हत्या के बाद रोते- बिलखते परिजन
– फोटो : अमर उजाला
एएसपी अनंत चंद्रखेशर के मुताबिक, कक्षा में लवकुश की हत्या के बाद पुलिस को देखकर बाल अपचारी डर गया। पुलिस को सबकुछ बताने लगा। बताया कि लवकुश उसे काफी दिनों से गालियां दे रहा था। उसने काफी दिनों तक बर्दाश्त किया। चार दिन पहले फिर गाली दी तो उसने कहा कि मैं चाकू से मार दूंगा। इस पर लवकुश ने गाली देते हुए कहा कि जो करना है कर ले। उसके बाद इसने घटना को अंजाम दिया। पुलिस की अभिरक्षा में छात्र पूरे दिन सामान्य रहा।
छात्र लवकुश की हत्या के बाद रोते- बिलखते परिजन
– फोटो : अमर उजाला
माता-पिता गए थे अयोध्या
जिला मुख्यालय से 10 किमी दूर चंदौली कोतवाली क्षेत्र के गांव प्रतापपुर निवासी बबलू यादव एक निजी कंपनी में चालक हैं। उनका बेटा लवकुश यादव गांव के आदर्श इंटर कॉलेज में हाईस्कूल का छात्र था। स्कूल की तरफ से गणित की एक्स्ट्रा क्लास (अतिरिक्त कक्षा) कराई जा रही थी। इसमें लवकुश भी पढ़ रहा था। बृहस्पतिवार को बबलू यादव और उनकी पत्नी विमला अयोध्या दर्शन-पूजन के लिए गए थे।
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छात्र लवकुश की फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला
आरोपी ने ऐसे दिया वारदात को अंजाम
शुक्रवार की सुबह लवकुश क्लास करने गया था। वह कक्षा में आगे वाली सीट पर बैठा था। ठीक पीछे बैठा सहपाठी अचानक उठकर लवकुश के पास पहुंचा और चाकू से लवकुश के सीने में ताबड़तोड़ चार वार कर दिए। इससे लवकुश लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। यह देखकर अन्य छात्रों में चीख-पुकार मच गई। आरोपी चाकू लेकर वहीं खड़ा रहा। शिक्षकों ने घायल लवकुश को अस्पताल पहुंचाया, यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद लवकुश के परिवार में कोहराम मचा है।
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मौके पर जुटी भीड़
– फोटो : अमर उजाला
मोबाइल फोन और वीडियो गेम से बच्चों में बढ़ रहा गुस्सा
नई पीढ़ी के बच्चे मोबाइल फोन और वीडियो गेम के माध्यम से सब कुछ देख रहे हैं। उनका मानसिक विकास इतना नहीं होता कि वे सही गलत का फर्क कर सकें। हिंसात्मक वीडियो देखने के बाद उनकी मनोवृत्ति बदल जाती है। किशोरों को हीरो बनने की लत हो गई है। क्रोध और आवेग में किशोर हिंसा कर रहे हैं। परिवार वालों को बच्चों की मानसिक और व्यावहारिक गतिविधियों पर नजर रखें और उनको समय दें। -डॉ. नितेश सिंह, वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक, बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज