आगरा के बिजलीघर चौराहे स्थित शिवाजी मार्केट के सामने पानी की 1200 मिमी व्यास की पाइपलाइन शिफ्ट होने के कारण शहर के 8 लाख से ज्यादा लोग दो दिनों तक बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए। सोमवार को पानी संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में टैंकर पहुंचा, वैसे ही हाथों में बाल्टियां, ड्रम लेकर बच्चों, बुजुर्ग और महिलाओं ने दौड़ लगा दी। एक-एक बाल्टी पानी भरने के लिए लोगों के बीच तकरार हुई। जलकल विभाग ने करीब 60 टैंकरों से पानी पहुंचाने का दावा किया, जो नाकाफी रहा। जलकल विभाग ने मंगलवार सुबह जलापूर्ति सामान्य होने का दावा किया है।
सोमवार की सुबह रकाबगंज, बालूगंज, छीपीटोला, नौलक्खा, ताजगंज, चक्कीपाट, मंटोला, काजीपाड़ा, जीवनी मंडी, फतेहाबाद रोड, गोबर चौकी, कोतवाली, दरेसी, रावतपाड़ा, बेलनगंज, छत्ता और कालामहल, अलबतिया रोड, सुभाष नगर, बालाजीपुरम, दयालबाग, आवास विकास कॉलोनी, सिकंदरा, पश्चिमपुरी, शास्त्रीपुरम, राजपुर चुंगी, शमसाबाद रोड और ट्रांस यमुना कॉलोनी, रामनगर पुलिया, मारुति एस्टेट, जगदीशपुरा, बोदला, किशोरपुरा, भीमनगर, लोहामंडी आदि क्षेत्रों में लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस गए। भीषण गर्मी और उमस के बीच पानी के संकट ने लोगों को बेहाल कर दिया। हालात ये रहे कि पानी का टैंकर जैसे ही क्षेत्र में पहुंचता, लोग उसकी ओर बाल्टियां लेकर दौड़ लगाने लगते थे। यमुना पार के टेढ़ी बगिया, नवलगंज, नुनिहाई, शाहदरा, कालिंदी विहार क्षेत्रों में पानी के लिए मारामारी मची रही।
पड़ोसी के सबमर्सिबल पंप पर रहे निर्भर
शिवाजी मार्केट के सामने जलकल विभाग ने नाले के अंदर से निकल रही पानी की 1200 मिमी. व्यास की पाइपलाइन को शिफ्ट किया है। इसमें दो दिन का समय लगा। रविवार को तो स्टोर किए गए पानी से काम चल गया लेकिन सोमवार सुबह ऑफिस और स्कूल जाने से पहले पानी की जरूरत ज्यादा पड़ी। घरों की टंकियां खाली हो गईं, तो पड़ोसियों के सबमर्सिबल पंप पर निर्भर रहना पड़ा। किसी ने पड़ोसी से दो बाल्टियां पानी लिया तो किसी ने आरओ प्लांट संचालकों से दो से पांच कैंपर पानी मंगवाया।
सोमवार शाम तक काम पूरा करने का प्रयास किया गया लेकिन जॉइंट बनाने में ज्यादा समय लग गया। इस वजह से देर रात तक काम चलता रहा। मंगलवार सुबह जलापूर्ति सामान्य हो जाएगी। -कुमार गौरव, महाप्रबंधक, जलकल
