होटल के कमरे में जहर निगलकर जान देने वाले प्रेमी युगल के शव का सोमवार को पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट में दोनों के साथ जहर निगलने की पुष्टि हुई। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर दोनों के परिजनों की कई बार भिड़ंत हुई। दोनों ही एक दूसरे पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाते रहे।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के पास होटल रॉयल इन के कमरे में रविवार दोपहर प्रेमी युगल ने जहर निगल लिया था। अचेत हाल में पुलिस ने उन दोनों को मेडिकल अस्पताल भिजवाया था। कुछ देर बाद ही दोनों की मौत हो गई। मूल रूप से टहरौली के खिलवारी गांव निवासी युवराज (23) का परिवार चिरगांव के रमपुरा गांव में रहने लगा था। बीए पास करने के बाद एसएससी की वह तैयारी कर रहा था। उसके घर के पड़ोस में राजेंद्र पत्नी सिम्मी एवं पांच साल के बच्चे के साथ रहता था। उनके बीच प्रेम हो गया। सिम्मी उम्र में युवराज से बड़ी थी। उनके संबंध का पता चलने पर परिवार के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। सिम्मी के पति राजेंद्र का आरोप है कि युवराज शनिवार को घर आया था। यह पता चलने पर सिम्मी को उसने फटकारा था।
दोनों के परिजन एक दूसरे पर लगा रहे हत्या के आरोप
सिम्मी के मायके पक्ष के लोग ससुराल जनों पर पैसा देकर युवराज से सिम्मी की हत्या कराने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि सिम्मी की मौत के बाद डर कर युवराज ने जहर निगल लिया। युवराज के परिजनों का आरोप है कि सिम्मी युवराज से पैसे मांगती थी। पैसा न मिलने पर युवराज की हत्या की गई। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव का कहना है कि पोस्टमार्टम कराने पर दोनों के एक साथ जहर निगलने की पुष्टि हुई है।
12 साल छोटे प्रेमी के लिए पांच साल के मासूम को बिलखता छोड़ गई सिम्मी
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब डेढ़ साल से उनके बीच प्रेम संबंध थे। सिम्मी से युवराज करीब 12 साल छोटा था। इसके बावजूद सिम्मी उसे छोड़ना नहीं चाहती थी। ज्यादा दिनों तक उनका प्रेम लोगों की निगाह से छुप नहीं सका। परिवार को पता चलने पर विरोध शुरू हो गया। सिम्मी को कई बार उसके पति राजेंद्र ने फटकार भी लगाई लेकिन, सिम्मी के सिर में प्यार का भूत सवार था। उसे अपना पांच साल के बेटे का चेहरा भी याद नहीं रहा।
मासूम को बहन के घर छोड़ युवराज के साथ आई
रविवार सुबह अपने मासूम बेटे को बहन के घर छोड़कर वह युवराज के साथ झांसी आ गई। यहां दोनों ने होटल के कमरे में जहर निगल लिया। पत्नी की मौत का पता चलने पर पति राजेंद्र अपने बेटे को तलाशता रहा। सिम्मी की मौत के बाद राजेंद्र को मायकेवाले उसका बेटा भी नहीं दे रहे हैं।
