त्योहार पर तनिक सी लापरवाही ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। कस्बे के मोहल्ला मुरीदखाना निवासी युवक की बहन और जीजा अपने साथ डिब्बे में सांप बंद करके लाए थे। भाई ने सांप को हाथ में लपेटा तो उसने काटा लिया। परिजन सीएचसी लेकर जाने के बजाए झाड़ फूंक में लगे रहे। इससे युवक की मौत हो गई। परिजन ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
मुरीदखानी मोहल्ले के विनोद रस्तोगी (30) की शुक्रवार शाम को सर्पदंश से मौत हो गई। पिता विजय रस्तोगी ने बताया कि उनकी बेटी की शादी संभल जिला के बबराला निवासी राजू रस्तोगी से हुई है। राजू घरों से निकलने वाले सांप को पकड़ने का काम करते हैं। बताया कि वह व उनकी बेटी शुक्रवार को रक्षाबंधन पर घर आए थे। साथ में दामाद राजू भी आए, वह अपने साथ डिब्बे में एक सांप बंद करके लाए थे। शाम को उन्होंने सभी को दिखाने के लिए सांप निकाला।
विनोद ने सांप को पालतू समझकर उसे अपने हाथ में लपेट लिया और उससे छेड़छाड़ करने लगे। इस दौरान सांप ने उनके हाथ में डंस लिया। कुछ ही देर में उनकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन ने सीएचसी न लेकर जाकर झाड़ फूंक कराने लगे। बताया जा रहा है कि परिजन उन्हें थमरबा गांव स्थित किसी बाबा के पास लेकर गए। जब हालत अधिक बिगड़ गई तो सीएचसी पहुंचे लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई। विनोद अविवाहित थे। घटना से घर में मातम छा गया। कोतवाल एसएन सिंह ने बताया कि परिजन ने किसी पर आरोप नहीं लगाया है और पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया है।
