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बारिश के दाैरान बुधवार दोपहर जामा मस्जिद के पास सुभाष बाजार में हादसा हो गया। क्षतिग्रस्त लिंटर ढहने से दो मंजिला कपड़े की दुकान भरभराकर नाले में समा गई। मलबे में व्यापारी, उनका पाैत्र, एक कर्मचारी के अलावा खरीदारी करने आईं लखनऊ में तैनात सिपाही अनीता, उनकी मां गंगा देवी (60) और डेढ़ साल की बेटी अनन्या दब गई। व्यापारियों और राहगीरों ने मलबा हटाकर महिला सिपाही सहित पांच घायलों को बाहर निकाल लिया लेकिन गंगादेवी का पता नहीं चल सका। सूचना पर पुलिस के साथ नगर निगम, दमकल की टीम पहुंच गई। तीन घंटे बाद मथुरा से एसडीआरएफ और पीएसी के गोताखोर भी बुला लिए गए मगर रात तक वृद्धा का पता नहीं चल सका।
दुकानों में कर्मचारी ग्राहकों को सामान दिखा रहे थे। सड़क पर लोगों की आवाजाही थी। कुछ लोग दुकानों के छज्जों की ओट में खड़े बारिश थमने का इंतजार कर रहे थे। यकायक तेज धमाके की आवाज हुई और सबका ध्यान राधास्वामी क्लॉथ स्टोर की ओर गया। दुकान जमींदोज हो चुकी थी। अंदर से लोगों के चीखने की आवाजें आ रही थीं। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि जमींदोज दुकान के साथ नाले में आखिर कितने लोग गिरे हैं। सुभाष बाजार में हुए हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों ने अपनी आंखों बयां की।
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रेस्क्यू करती टीम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राधा स्वामी क्लॉथ स्टोर के सामने की स्थित दुकान में काम करने वाली खुशी ने बताया कि वह दुकान पर थीं। बारिश के कारण ग्राहक नहीं थे, सभी बैठे हुए थे। उनके सामने पहले अनीता अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी के साथ दुकान के अंदर आईं। पीछे से उनकी मां भी आ गईं। वह कपड़े देख ही रहे थे कि तेज धमाके के साथ दुकान भरभरा कर ढह गई। जब तक कोई कुछ समझता दुकान के लोग भी नाले में जा चुके थे। दुकान में दो शटर थे।
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रेस्क्यू करती टीम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करीब 30 सेकंड तक कोई कुछ समझ नहीं पाया। इसके बाद नाले में गिरे लोगों की चीखें सुनकर लोग दुकान की ओर भागे। लोगों को डर लग रहा था कि कहीं आसपास की सड़क भी नहीं धंस जाए। कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाई और घायलों को बाहर निकाला। पास ही छोले-भटूरे की दुकान पर काम करने वाले भरत ने बताया कि हादसे के बाद सबसे पहले उन्होंने गैस बंद कर कढ़ाही हटाई। इसके बाद भागकर पहुंचे तो तुलाराम कराहते दिखे। लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद महिला और उसकी बच्ची को निकाला गया।
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जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दहशत में आ गया रिक्शा चालक
नावेद ने बताया कि वह अपना ई-रिक्शा लेकर निकल रहा था। अचानक दुकान ढह गई। यह देखकर वो घबरा गया। ई-रिक्शा को तेजी से बाजार से बाहर ले गया। हादसे के बाद लोग समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर हुआ क्या है। 15 मिनट तक चीख-पुकार मची रही। रास्ता बंद करके बचाव अभियान किया शुरूबाजार में काम करने वाले सोनू ने बताया कि वह अपने मालिक से तनख्वाह लेने के लिए आए थे। दुकान के बाहर खड़े थे कि तभी हादसा हो गया। सभी लोग राहत कार्य में जुट गए। उस समय डर यह था कि कहीं दबाव पड़ने पर आसपास की सड़क भी नहीं धंस जाए। इसलिए तत्काल दुकान के टूटे बोर्ड और बाइकें खड़ी कर रास्ता अवरुद्ध किया गया। हादसे के बाद अधिकतर दुकानदारों ने शटर बंद कर दिए। पुलिस टीम जब पहुंची तो उन्हें भी यही डर सताया। अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी देकर वहां से दूर हटाया।
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रेस्क्यू टीम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छतों पर लगी भीड़
हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। मार्केट की छतों पर कर्मचारी और अन्य लोग काफी संख्या में एकत्रित होने लगे। बाजार की अधिकतर इमारतें पुरानी बनी हुई हैं। ऐसे में पुलिस को डर था कि कहीं और किसी जगह भी हादसा नहीं हो जाए। इसलिए दुकानदारों को समझाकर सभी को छतों से नीचे उतारा गया।