परौसा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उदनपुर और कुसमरा फीडर की 24 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से शनिवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं समेत 200 से अधिक ग्रामीणों और किसानों ने उपकेंद्र का घेराव कर नारेबाजी की। सूचना पर बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंची। घंटों चली वार्ता के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त हुआ।
ग्रामीणों ने बताया कि परौसा उपकेंद्र से संचालित उदनपुर, कुसमरा, हरचंदपुर और गोहना फीडर से जुड़े दो दर्जन से अधिक गांव पिछले करीब एक माह से लो वोल्टेज, ढाई फेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। इससे 250 से अधिक निजी नलकूप प्रभावित हैं और धान की रोपाई व सिंचाई का कार्य बाधित हो रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार 27 जुलाई को हुए प्रदर्शन के बाद विभाग ने उदनपुर फीडर का लोड कम करने के लिए अतिरिक्त आउटगोइंग मशीन लगाई थी। इससे कुछ समय तक बिजली व्यवस्था सामान्य रही, लेकिन शुक्रवार को हरचंदपुर और गोहना फीडर का लोड नई मशीन पर स्थानांतरित किए जाने के बाद उदनपुर और कुसमरा फीडर की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लाइनमैन द्वारा लोड वितरण में हस्तक्षेप किए जाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई। हालांकि विभाग ने इस आरोप की पुष्टि नहीं की है।
लगातार 24 घंटे से अधिक बिजली न मिलने से उदनपुर, जैसकपुर, कुसमरा, सजेहरा, नजीरपुर, बागी, रोगी, डिहुआ डेरा, इटौरा और खुटमिली समेत 11 गांवों में पेयजल और सिंचाई का संकट गहरा गया। किसान नलकूप नहीं चला सके, जिससे धान की फसल प्रभावित होने लगी। भीषण गर्मी में ग्रामीणों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
प्रदर्शनकारियों ने जेई मिठाई लाल और उपकेंद्र के एसएसओ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद न तो फोन उठाए जाते हैं और न ही समस्या का स्थायी समाधान किया जाता है। हंगामे की सूचना पर अधिशासी अभियंता पुष्पदेव, एसडीओ अजीत यादव, मीटर विभाग की टीम और थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने फीडरों पर लोड संतुलित कर शीघ्र बिजली आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए। अधिशासी अभियंता पुष्पदेव ने बताया कि सभी फीडरों पर लोड का संतुलन कर रीडिंग के अनुसार बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई है। यदि कहीं कोई तकनीकी समस्या आती है तो उसका भी शीघ्र समाधान कराया जाएगा।
