उरई। दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने के मामले में चार साल से जेल में बंद पति को कोर्ट ने सात साल की कैद सुनाई है। गैंगस्टर कोर्ट के विशेष न्यायाधीश भारतेंद्र सिंह ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया।
धरगुवा निवासी खूब चंद्र राजपूत की शादी वर्ष 2017 में हमीरपुर जिले की हेमवती के साथ हुई थी। 15 दिसंबर 2022 को हेमवती की ससुराल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। वह बबूल के पेड़ पर फंदे से लटकी मिली थी। घटना की सूचना पर चचेरे भाई नंदकिशोर ने पुलिस को तहरीर देकर दहेज की मांग को लेकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया था।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति को उसी दिन हिरासत में ले लिया था। रिपोर्ट दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। घटना के समय से ही आरोपी जेल में बंद है।
बताया कि गुरुवार को मामले की सुनवाई पूरी हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर गैंगस्टर कोर्ट के विशेष न्यायाधीश भारतेंद्र सिंह ने खूब चंद्र राजपूत को दोषी करार देते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई। आरोपी को सोमवार को ही दोषी करार दे दिया गया था।
