पूर्वांचल का जौनपुर जिला कैंसर के रेड जोन में आ गया है। यहां पिछले तीन महीने में कैंसर के 284 संदिग्ध मिले हैं। सभी में मुंह के कैंसर के लक्षण हैं। इन सभी के पीछे कारण देशी नशा दोहरा का सेवन है। ये खराब सुपारी से बना वो नशा है, जिसके बेचने पर रोक लगी है।
शहर के रुहट्टा मोहल्ले के 50 वर्षीय प्रेमचंद मौर्य इस समय बिस्तर पर हैं। उनको सिर्फ तरल पदार्थ खाने को दिए जाते हैं। करीब 6 साल पहले मुंह का कैंसर हुआ था। दो बार ऑपरेशन हो चुका है। संक्रमण गले तक पहुंच चुका है। प्रेमचंद मौर्य कहते हैं, एक बार छोटे भाई से दोहरा न छोड़ने पर बहस हो गई थी। मैंने उससे कह दिया था, मर जाऊंगा पर दोहरा नहीं छोडूंगा। अगर भाई की बात मान ली होती तो आज ये दिन नहीं देखना होता।
मोहल्ला रामचित्र मंदिर रासमंडल के फैसल हसन वर्ष 2023 से मुंह के कैंसर से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि दोहरा ने मेरी जिंदगी का बैरियर गिरा दिया। पत्नी, बच्चे और भाई के चेहरों पर हमेशा खौफ नजर आता है। परिवार इस डर में जीता है कि कहीं मुझे कुछ हो न जाए। मुझे दिलासा देते हैं, हौसला बढ़ाते हैं। कैंसर से ज्यादा परिवार के सदस्यों के चेहरों पर दिखता खौफ मुझे दर्द देता है। दोहरा खाने की लत की सजा आज पूरा परिवार भुगत रहा है।
दोहरा खाने से मुंह के कैंसर के कारण 2022 में सपा जिलाध्यक्ष रिजवान हैदर राजा की भी मौत हो चुकी है। रिजवान की उम्र उस समय सिर्फ 32 साल थी। विकास भवन के संजय चौहान और प्रोफेसर अजय श्रीवास्तव भी मुंह के कैंसर से जूझ रहे हैं।तीन महीने में जौनपुर में 8,070 लोगों की जांच हो चुकी है।
