उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में नकली दवाओं के बढ़ते कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने प्रदेश में नए थोक दवा लाइसेंस जारी करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह निर्णय राज्यभर में नकली दवाओं की बिक्री और अवैध गोदामों के संचालन की शिकायतों के मद्देनजर लिया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने सभी सहायक आयुक्तों और औषधि निरीक्षकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में संचालित सभी थोक और फुटकर दवा विक्रेताओं के लाइसेंस का व्यापक सत्यापन किया जाए। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी नए थोक दवा लाइसेंस को मंजूरी नहीं दी जाएगी।
विभाग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों में गोदाम बनाकर बड़े पैमाने पर नकली दवाओं का कारोबार किए जाने की सूचनाएं मिल रही हैं। ऐसे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई और दवा आपूर्ति श्रृंखला को पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
एफएसडीए का मानना है कि लाइसेंस सत्यापन अभियान पूरा होने के बाद ही पात्र आवेदकों को नए लाइसेंस जारी किए जाएंगे। विभाग ने अधिकारियों को जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने और संदिग्ध मामलों में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
