विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र/अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सचान ने आठ वर्षीय दिव्यांशु का अपहरण करने के 21 साल पुराने मामले में दोषी नत्थू और राजपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
थाना जहानगंज क्षेत्र के नगला कन्हई निवासी विवेकानंद वर्मा ने 13 जनवरी 2005 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि उनका आठ वर्षीय पुत्र दिव्यांशु सरस्वती शिशु मंदिर जहानगंज में कक्षा दो में पढ़ता था। 12 जनवरी को वह स्कूल गया था, लेकिन छुट्टी के बाद घर नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला। खोजबीन के दौरान स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव कुमार ने बताया कि घटना वाले दिन दोपहर करीब तीन बजे काले रंग की बिना नंबर की बाइक पर बादाम सिंह के साथ दो अन्य लोग स्कूल के आसपास घूमते देखे गए थे।
विवेकानंद विद्यालय लोधीनगर के चपरासी अरविंद कुमार ने बादाम सिंह के रिश्तेदार अखिलेश और राजपाल को दिव्यांशु को मोटरसाइकिल से छिबरामऊ की ओर ले जाते देखने की बात बताई थी। इसके बाद पुलिस ने 13 जनवरी 2005 को बालक को नत्थू के यहां से बरामद कर लिया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर जनपद कन्नौज के थाना तालग्राम क्षेत्र के नरदाह निवासी राजपाल और विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के हृदय नगला निवासी नत्थू के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। अदालत ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर दोनों को तीन अक्तूबर को दोषी करार दिया था।
