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यूपी के बलरामपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने थारू बाहुल्य गैसड़ी क्षेत्र में 392 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। राजनीतिक गलियारों में इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
इस मौके सीएम योगी ने विकास योजनाओं की चर्चा के साथ कानून-व्यवस्था और माफिया राज के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। अपने संबोधन में उन्होंने एक ओर उत्तर प्रदेश की बदली हुई तस्वीर का उल्लेख किया तो दूसरी ओर माफिया, अपराध और परिवारवाद की राजनीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास और सुशासन इसलिए दिखाई दे रहा है, क्योंकि माफिया राज पर निर्णायक प्रहार किया गया है।

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सीएम योगी, 392 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब उत्तर प्रदेश की पहचान विकास या निवेश से नहीं, बल्कि अपराध और माफियाओं से जुड़कर की जाती थी। प्रदेश से बाहर जाने पर लोग उत्तर प्रदेश के नाम से ही दूरी बना लेते थे। बलरामपुर और आसपास के जिलों का नाम सुनकर भी लोगों के मन में भय का भाव पैदा हो जाता था। लेकिन, आज परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि पहले जनता के वोटों के सहारे कुछ लोग इतने शक्तिशाली बन जाते थे कि सरकारी योजनाओं का धन हड़प लेते थे, गरीबों की जमीनों पर कब्जा कर लेते थे और पूरे तंत्र को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करते थे। ऐसे तत्व विकास के सबसे बड़े दुश्मन थे। सरकार ने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर कानून का राज स्थापित किया है।

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सीएम ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ मेगा-अभियान का किया शुभारंभ
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माफिया विकास का पैसा भी हजम करता था। गरीब की जमीन पर भी कब्जा करता था। आज उन्हीं माफियाओं की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चल रहा है और वहां गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। जनता ने वर्षों तक ऐसे लोगों को ताकत दी, जिसका खामियाजा पूरे प्रदेश को भुगतना पड़ा।
उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान तनाव और दंगों की घटनाएं आम बात थीं। गैसड़ी, बलरामपुर, उतरौला और पचपेड़वा जैसे क्षेत्रों में भी हालात चुनौतीपूर्ण रहते थे। लोगों को सुरक्षा का भरोसा नहीं था। लेकिन, आज प्रदेश के 75 जनपदों, 350 तहसीलों, 825 विकासखंडों और हजारों ग्राम पंचायतों में शांति और कानून व्यवस्था का वातावरण दिखाई देता है।

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बच्चों को दुलार करते सीएम।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है। हम किसी को अनावश्यक छेड़ेंगे नहीं, लेकिन यदि कोई बहन-बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाएगा, व्यापारी को धमकाएगा या अपराध करेगा तो उसे छोड़ेंगे भी नहीं। कानून से ऊपर कोई नहीं है और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने चुनावी संकेत भी दिए। उन्होंने कहा कि विकास अपने आप नहीं आता, बल्कि उसके लिए सही नेतृत्व का चुनाव करना पड़ता है। यदि जनता अच्छे और ईमानदार जनप्रतिनिधि चुनती है तो क्षेत्र में सड़क, पुल, बिजली, पानी और अन्य विकास कार्य पहुंचते हैं। लेकिन यदि गलत लोगों को चुन लिया जाता है तो वे विकास का धन निगल जाते हैं और क्षेत्र पिछड़ जाता है।

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छात्रा को सम्मानित करते सीएम।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
मुख्यमंत्री ने जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब पूरे गांव और जिले का विकास रुक जाता था, लेकिन एक परिवार का विकास जारी रहता था। नौकरी, योजनाएं और संसाधन कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित रह जाते थे। आज सरकार ने उस व्यवस्था को बदलकर पात्रता आधारित लाभ वितरण की व्यवस्था लागू की है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब अपराध और अराजकता नहीं बल्कि निवेश, रोजगार, सुरक्षा और विकास के लिए जाना जा रहा है। अयोध्या से लेकर बलरामपुर तक विकास की नई धारा बह रही है। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था और विकास की चर्चा में अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
