झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में 500 बेड अस्पताल के विस्तारीकरण कार्य के लिए 8.72 करोड़ रुपये की धनराशि की मांग की गई है। इसके लिए राजकीय निर्माण निगम ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र भेजा है। निर्माण निगम ने अस्पताल के निर्माण कार्य, गुणवत्ता जांच, भवन हस्तांतरण और पूर्व में स्वीकृत राशि के उपयोग का ब्योरा देते हुए बजट जारी करने की मांग की है।

पत्र में कहा गया है कि 500 बेड के अस्पताल के विस्तारीकरण कार्य की गुणवत्ता जांच आईआईटी बीएचयू, वाराणसी और थर्ड पार्टी क्वालिटी जांच के माध्यम से कराई गई। निर्माण कार्य के दौरान विभिन्न तकनीकी संस्थाओं और एजेंसियों से भी गुणवत्ता संबंधी जांच कराई गई। इसकी आख्या संबंधित अभिलेखों में उपलब्ध होने का उल्लेख किया गया है।

डीएम की ओर से गठित समिति ने 16 सितंबर, 2025 को भवन हस्तांतरण के लिए विस्तृत जांच की थी। इसके बाद सीडीओ और अभियंताओं की ओर से गुणवत्ता जांच कर कार्य को मानक के अनुरूप पाए जाने पर बीते 29 जनवरी को निरीक्षण आख्या का अनुमोदन किया गया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी किए जाने की जानकारी दी गई।

निर्माण निगम के इकाई प्रभारी हेमंत प्रकाश ने पत्र में कहा है कि शासन के विभिन्न आदेशों के तहत 165.80 करोड़ रुपये की निर्माण धनराशि अवमुक्त की गई थी। इस धनराशि के सापेक्ष प्राप्त बजट का विवरण तैयार किया गया है। 30 जून 2026 को 2.20 करोड़ रुपये राजकोष में जमा कराए गए थे। निगम ने अस्पताल भवन को लंबे समय तक अनुपयोगी और बंद रखने से उसके खराब होने की आशंका का भी उल्लेख किया है। आईआईटी बीएचयू की ओर से पूर्व में दी गई जांच आख्या में भवन को जल्द से जल्द क्रियाशील बनाने की सलाह दिए जाने की बात कही गई है। निर्माण निगम ने इन बिंदुओं का हवाला देते हुए चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रमुख सचिव और महानिदेशक से परियोजना की अवशेष पांच प्रतिशत धनराशि 8.73 करोड़ रुपये अवमुक्त कराने की मांग की है।



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