69000 शिक्षक भर्ती मामले में एक बार फिर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी लखनऊ में अपनी मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन करेंगे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि इस प्रकरण पर सरकार कोई पहल नहीं कर रही है। इसके कारण मामला लटकता जा रहा। इसकी पहली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में सितंबर 2024 में हुई थी, उसके बाद से लगातार तारीख पर तारीख मिल रही है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे धनंजय गुप्ता व सुशील कश्यप ने कहा कि प्रकरण के निस्तारण के लिए सरकार की ओर से कोई पहल न करने से नाराज अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ 18 मई को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। विक्रम, अमित मौर्य, सुमित कुमार, राहुल मौर्या, मनोज प्रजापति व शैलेंद्र वर्मा आदि अभ्यर्थियों ने कहा कि इस मामले में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट, मुख्यमंत्री द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट और लखनऊ हाईकोर्ट डबल बेंच का फैसला सब हमारे पक्ष में है।
फिर भी हमारे साथ न्याय इसलिए नहीं किया जा रहा है। अभ्यर्थियों ने कहा कि 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। सरकार को कोर्ट में अपना पक्ष रखना है। अगर 19 मई को सरकार अपना पक्ष स्पष्ट रख देती है तो मामले का निस्तारण जल्द हो जाएगा। इस मामले की सुनवाई न होने से हम अभ्यर्थी आहत हैं।
