आगामी विधानसभा चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) ने इंडिया गठबंधन के मौजूदा और संभावित दलों के लिए स्पष्ट संदेश दे दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, गठबंधन में शामिल किसी भी दल को केवल उन्हीं प्रत्याशियों को उतारने की अनुमति दी जाएगी जो जिताऊ हों और जिनका अपने संबंधित क्षेत्रों में मजबूत व्यक्तिगत जनाधार हो। यह कदम आगामी चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने की रणनीति का हिस्सा है।
समाजवादी पार्टी का मानना है कि गठबंधन की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि मैदान में उतारे गए उम्मीदवार कितने प्रभावी हैं। इसलिए कांग्रेस सहित अन्य सहयोगी दलों को यह स्पष्ट कर दिया गया है कि वे जिन सीटों पर चुनाव लड़ना चाहते हैं, उन पर अपने प्रत्याशियों के नाम और उनकी जीत की संभावनाओं का विवरण पहले प्रस्तुत करना होगा।
सपा नेतृत्व इस ब्योरे की समीक्षा करेगा और केवल उन्हीं उम्मीदवारों को हरी झंडी देगा, जिनके बारे में पार्टी को पूर्ण विश्वास होगा कि वे चुनाव जीत सकते हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि चुनावी राजनीति में व्यक्तिगत आधार और जमीनी पकड़ का महत्व सर्वोपरि है। जिन उम्मीदवारों की जनता से सीधी पकड़ होती है और जो अपने क्षेत्र की समस्याओं से भलीभांति परिचित होते हैं, वे दमदारी के साथ चुनाव लड़ते हैं। सपा ने ऐसे ही उम्मीदवारों को प्राथमिकता देकर सत्ता तक पहुंचने की रणनीति बनाई है।
यह नई नीति सीट बंटवारे की प्रक्रिया को भी प्रभावित करेगी। सपा केवल उन्हीं सीटों को अन्य दलों को आवंटित करेगी, जिनके लिए वह उनके द्वारा प्रस्तावित उम्मीदवारों की योग्यता से संतुष्ट होगी। यह सुनिश्चित करेगा कि गठबंधन के भीतर किसी भी सीट पर कमजोर उम्मीदवार को खड़ा करके जीत के अवसर को व्यर्थ न किया जाए। सपा अध्यक्ष पहले ही कह चुके हैं कि इंडिया गठबंधन के तहत सीटों का बंटवारा उनकी पार्टी ही करेगी।
