बसपा अध्यक्ष मायावती की सेहत को लेकर कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी से बसपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। सोशल मीडिया पर बसपा कार्यकर्ता कांग्रेस नेताओं को खरी-खरी सुनाने में पीछे नहीं हट रहे तो पार्टी पदाधिकारियों ने भी कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बता दें कि मायावती खुद कई बार अपनी सेहत ठीक होने का दावा करती रही हैं, इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं ने यह शिगूफा छोड़कर सियासी तनातनी बढ़ा दी है।
पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के मुताबिक कांग्रेस की मायावती की सेहत को लेकर की गई टिप्पणी सोची-समझी साजिश के तहत की गई है ताकि बसपा पर गठबंधन करने का दबाव बनाया जा सके। इसी वजह से दलित नेताओं को मायावती से मिलने भेजा गया था। कांग्रेस का यह दांव भी उल्टा पड़ गया क्योंकि बसपा कैडर में इसे लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
बीते दिनों मायावती के दिल्ली प्रवास के दौरान भी कांग्रेस ने कुछ शिगूफे छोड़े थे ताकि बसपा को भी इंडिया गठबंधन में शामिल किया जा सके। फिलहाल मायावती ने कांग्रेस के इस कदम और भ्रामक बयानबाजी को लेकर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है। आगामी 24 मई को पार्टी की राज्य स्तरीय बैठक में मायावती इस बाबत कार्यकर्ताओं को संदेश दे सकती हैं।