परिवहन विभाग के रिटायर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार को विजिलेंस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में जांच में सहयोग नहीं करने पर यह कार्रवाई की है। बता दें कि बीती 7 और 8 जुलाई को ललित कुमार के ठिकानों पर विजिलेंस के छापे में 35 करोड़ की काली कमाई के ठाेस प्रमाण मिले थे।

एसपी विजिलेंस बबिता सिंह ने बताया कि ललित कुमार के अलीगंज स्थित आवास पर छापे में 1.62 करोड़ रुपये नकदी, करीब 10 करोड़ रुपये कीमत के सोने-चांदी के बिस्किट और लखनऊ, नोएडा समेत कई जिलों में 15 से अधिक संपत्तियों के दस्तावेज आदि बरामद किए गए थे। इसके अलावा 2 कार, रिवाल्वर और विभिन्न बैंको, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड, फिक्स डिपॉजिट में निवेश करने के पुख्ता सुबूत भी मिले थे। सोमवार को ललित कुमार को विजिलेंस मुख्यालय में तलब करने के बाद उनसे गहन पूछताछ की गई। इस दौरान उनसे घर से बरामद नकदी, सोने-चांदी के बिस्किट आदि के बारे में सवाल हुए, जिनका वह कोई जवाब नहीं दे सके। उन्होंने नकदी हासिल करने के स्रोत के बारे में नहीं बताया। सोने-चांदी के बिस्किट खरीदने के बिल भी उपलब्ध नहीं करा सके। ये बिस्किट कहां से खरीदे गए थे, इसका भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। कई घंटे तक पूछताछ में सहयोग नहीं करने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

अधिकतर संपत्ति परिजनों के नाम

पूछताछ में ललित कुमार ने बताया कि उन्होंने अधिकतर संपत्ति उनके परिजनों के नाम पर है, जिससे उनका कोई वास्ता नहीं है। हालांकि जब अधिकारियों ने संपत्ति खरीदने के दौरान बैंक से दिए गए भुगतान को लेकर सवाल किया तो उन्होंने चुप्पी साध ली। अब विजिलेंस उनके परिजनों को भी पूछताछ के लिए तलब करने की तैयारी में है।



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