प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट मशीनों की पहले स्तर की चेकिंग (एफएलसी) की प्रक्रिया को पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाया जाएगा। जिलों में एफएलसी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एफएलसी प्रक्रिया को सुचारू और निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों व एफएलसी सुपरवाइजरों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों को एफएलसी से संबंधित तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि 14 सितंबर को डॉ. राम मनोहर लोहिया प्रशिक्षण एवं प्रबंध अकादमी, लखनऊ में आयोजित होने वाली प्रशिक्षण कार्यशाला में 33 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एफएलसी सुपरवाइजर हिस्सा लेंगे। इसके पहले गौतमबुद्ध नगर में आयोजित प्रशिक्षण में 21 जिलों और वाराणसी में आयोजित प्रशिक्षण में 21 जिलों के अधिकारीगण प्रशिक्षण ले चुके हैं।
14 सितंर को 33 जिलों अयोध्या, बाराबंकी, सुलतानपुर, अमेठी, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखनऊ, हरदोई, खीरी, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव, कानपुर नगर, औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा, रामपुर, सम्भल, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा, झांसी, जालौन और ललितपुर के अधिकारी प्रशिक्षित किए जाएंगे। लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद, झांसी, चित्रकूट, अयोध्या और देवीपाटन मंडलों के जिला निर्वाचन अधिकारी व अन्य अधिकारी शामिल होंगे।
