जेल में निरुद्ध युवक की मां ने बेटे को जानलेवा हमले का पीड़ित बताते हुए न्यायालय से न्याय की गुहार लगाई है। इसके बाद शाहगंज थाने में छह नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
शाहगंज के लाल डिग्गी, पानी की टंकी के पीछे रहने वाली अंजू ने बताया कि उनका बेटा मोनू 9 अगस्त की रात करीब आठ बजे सीमेंट वालों के पास अपने रुपये लेने गया था। आरोप है कि मोनू ने संचालक शिवकरन से रुपये मांगे तो उसने गाली-गलौज की। विरोध पर शिवकरन ने अपने बेटों लक्की, भंडारी, अरुण, गौरव, मनीष सहित दो-तीन अन्य लोगों को बुला लिया। सभी ने मोनू को घेरकर सरिया और डंडों से पीटा।
इसी दौरान अरुण ने मोनू के पेट में चाकू मार दिया। गंभीर हालत में मोनू को जेल से एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहां उसके कई ऑपरेशन हुए। अंजू का आरोप है कि आरोपियों ने पुलिस को गलत जानकारी दी। उन्होंने मोनू पर ही झूठी प्राथमिकी दर्ज करवा दी।
शिवकरन ने भी दर्ज कराई थी प्राथमिकी
इस मामले में जैन सीमेंट के संचालक शिवकरन ने 10 अगस्त को थाना शाहगंज में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिवकरन का आरोप है कि 9 अगस्त को मोनू उनके यहां गेट फलांग कर आया और उन्हें बुरी तरह पीटा। आसपास के लोगों ने उन्हें बचाया था। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। युवक पर पहले से प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
