कानपुर जिले के भीतरगांव विकास खंड स्थित बेहटा-गंभीरपुर गौआश्रय स्थल से इंसानियत को झकझोर देने वाली और प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलती भयावह तस्वीरें सामने आई हैं। जब नायब तहसीलदार शिखा शुक्ला और भीतरगांव के बीडीओ गिरीश चंद्र मिश्रा सचिव बृजेश यादव के साथ आश्रय स्थल के अंदर पहुंचे, तो दलदल के बीच बेबसी से तड़पते और खाली पेट जिंदगी की आखिरी सांसें गिनते कई गोवंश मिले।
कोई दलदल में फंसा मुंह से फेन निकाल रहा था, तो कोई हांफते-हांफते बेदम हो चुका था।पिछले एक सप्ताह में कई गोवंशों की तड़प-तड़पकर मौत हो चुकी है, जिनके शव परिसर के अंदर खुले में पड़े मिले। कहीं एक शव को कुत्ते नोच रहे थे, तो कहीं कुत्ते जमीन में गड्ढा खोदकर दबाए गए शव को बाहर निकालते दिखे।
