वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए पेश किए गए अनुपूरक बजट में राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। औद्योगिक विकास एवं भारी उद्योगों को सबसे बड़ा हिस्सा दिया गया है, जिसके तहत भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग के लिए ₹1,30,301.92 लाख का राजस्व खर्च और ₹20,90,588.00 लाख (लगभग ₹20,905.88 करोड़) का भारी-भरकम पूंजीगत बजट मंजूर किया गया है। इसके अलावा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग को ₹1,502.79 लाख राजस्व और ₹12,500.00 लाख पूंजीगत मद में दिए गए हैं, जबकि मुद्रण तथा लेखन सामग्री के पूंजीगत कार्यों हेतु ₹2,350.00 लाख की व्यवस्था की गई है।
ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए ग्राम्य विकास विभाग को ₹8,103.51 लाख राजस्व तथा ₹14,18,471.95 लाख (लगभग ₹14,184.72 करोड़) का पूंजीगत आवंटन प्राप्त हुआ है। ऊर्जा क्षेत्र (बिजली व्यवस्था) के लिए कुल मिलाकर ₹7,02,227.00 लाख (भारित राशि सहित) राजस्व मद में और ₹40,000.00 लाख पूंजीगत मद में आवंटित किए गए हैं। वहीं स्थानीय निकायों और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग को ₹15,633.00 लाख का राजस्व तथा ₹13,998.00 लाख का पूंजीगत बजट प्रदान किया गया है।
कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों की बात करें तो कृषि विभाग को ₹13,237.76 लाख राजस्व और ₹15,900.00 लाख पूंजीगत विकास के लिए दिए गए हैं। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के हिस्से में ₹24,480.37 लाख राजस्व और ₹1,005.02 लाख पूंजीगत आवंटन आया है। पशुपालन विभाग के लिए ₹2,497.84 लाख राजस्व व ₹4,486.66 लाख पूंजीगत, दुग्ध विकास विभाग के लिए ₹20,425.10 लाख राजस्व, मत्स्य विभाग के लिए ₹300.00 लाख राजस्व व ₹600.00 लाख पूंजीगत, तथा भूमि विकास एवं जल संसाधन विभाग को ₹200.00 लाख का राजस्व बजट मंजूर हुआ है।
