आमजन को परेशान करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और अवैध हूटर के खिलाफ अभियान चला। इस दौरान करीब 11 हजार वाहनों के चालान हुए हैं। यह संख्या दर्शाती है कि लोग अभी भी इनका इस्तेमाल कर रहे हैं।

सड़कों पर ध्वनि प्रदूषण की बड़ी वजह बने इन उपकरणों पर अंकुश लगाने के लिए यातायात निदेशालय ने अभियान चलाया। इसके नतीजे देखकर अधिकारी भी हैरान हैं। यह अभियान 3 अप्रैल से 19 अप्रैल के बीच चला था। मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने वाले 4151 वाहनों का चालान किया गया। प्रेशर हॉर्न इस्तेमाल करने वाले 6039 वाहनों पर भी कार्रवाई हुई। अवैध हूटर का उपयोग करने वाले 846 वाहनों के चालान किए गए। इस अवधि में कुल 2,13,700 वाहनों की चेकिंग की गई। इनसे कुल 3.97 करोड़ रुपये शमन शुल्क भी वसूला गया है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने अब ऐसे वाहन मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए एसओपी जारी की है।

अभियान के तहत 18 और 19 अप्रैल को सबसे ज्यादा चालान हुए। इन दो दिनों में 1,17,354 वाहनों की जांच की गई। इनमें से 2095 वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर पाए गए। 3218 वाहनों में प्रेशर हॉर्न और 446 में अवैध हूटर लगे मिले।



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