शहर के सबसे व्यस्त सिकंदरा और कारगिल चौराहे पर अवैध पार्किंग और अनधिकृत सवारी वाहन स्टैंडों के कारण आम नागरिकों का निकलना मुहाल हो गया है। हाल यह है कि हाईवे से लेकर अंदरूनी रास्तों तक चाय-नाश्ते के ठेलों और दुकानों के बाहर खड़े वाहनों ने आधी से अधिक सड़क घेर रखी है, जिससे हर समय हादसों का खतरा बना रहता है।
हर महीने होने वाली अपराध समीक्षा बैठकों में पुलिस को नगर निगम के साथ मिलकर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर शिकंजा कसने के सख्त निर्देश दिए जाते हैं। नियमों के मुताबिक चौराहों से 50 से 100 मीटर की दूरी पर वाहन खड़े होने चाहिए लेकिन सिकंदरा चौराहे पर इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। चौराहे पर दोनों तरफ पुलिस बूथ बने होने और ट्रैफिक लाइट्स के बावजूद बेतरतीब दौड़ते ऑटो-बसों और अवैध स्टैंडों पर पुलिस रोक नहीं लगा पा रही है।
रास्ता हो जाता है ब्लॉक
कारगिल से करकुंज की ओर के मार्ग पर तो मॉडल रोड का वजूद ही खत्म हो गया है। शाम होते ही शोरूम के बाहर लगने वाले फास्ट फूड के ठेलों और वहां आने वाले ग्राहकों के सड़क पर वाहन खड़ा करने से रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो जाता है। रात में पुलिस की मौजूदगी के बावजूद स्थिति जस की तस बनी रहती है।
लोगों ने अमर उजाला को किए काॅल
अमर उजाला ने 1 अक्तूबर से ऑपरेशन ट्रैफिक की शुरूआत की है। अभियान में रोजाना अमर उजाला की टीम एक रास्ते और चाैराहे पर यातायात व्यवस्था की पड़ताल करेगी। लोगों से भी सुझाव और समस्या की जानकारी मांगी है। इसके लिए आप भी 7906877703 पर काॅल कर अवगत करा सकते हैं।
– दयालबाग रोड (पूनम प्लाजा)- यहां पूरे दिन लगने वाले जाम से वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और महिलाओं का निकलना मुश्किल हो गया है। सड़क किनारे सब्जी विक्रेताओं के कब्जे के कारण लोगों को अक्सर आधे से एक घंटे तक जूझना पड़ता है।
– किदवई पार्क रेलवे ओवरब्रिज- पुल के संकरे होने और उस पर लोडर वाहन खड़े रहने से ट्रैफिक दबाव बढ़ते ही भारी जाम लग जाता है।
– राजा मंडी चौराहा- रात 8 बजे के बाद पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति और साईं मंदिर के पास ऑटो-ई-रिक्शा की अराजकता से राहगीर परेशान हैं।
– सुल्तानगंज पुलिया- मेट्रो निर्माण कार्य के चलते लंगड़े की चौकी पर सर्विस रोड बंद है। स्थानीय लोगों को सुल्तानगंज पुलिया जाने के लिए हाईवे पर आकर भगवान टॉकीज से घूमकर आना पड़ रहा है, जिसका अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
