खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली में राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी मोनू की हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी भागने के बजाय सीधे अपने गांव लौट गए। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी कार्तिक ने बताया कि उसे बिल्कुल भी अंदेशा नहीं था कि पुलिस इतनी जल्दी वारदात का खुलासा कर देगी।
सभी आरोपी सामान्य तरीके से गांव पहुंचे और अपने-अपने घरों में अपने जरूरी काम में लग गए। पुलिस ने तकनीकी जांच और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि गांव की एक युवती से मोनू के संबंध थे। जब पुलिस उसके घर पहुंची तो युवती के शरीर पर चोट के निशान मिले।
2 of 14
राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी मोनू की हत्या के बाद मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस और अन्य
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी बीच पुलिस ने मुख्य आरोपी कार्तिक की मोबाइल लोकेशन खंगाली, जो घटना के समय घटनास्थल के आसपास मिली। घटनास्थल से बरामद तीन चप्पलों ने भी पुलिस को आरोपियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कुछ ही घंटों में हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।
3 of 14
राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी मोनू की हत्या का आरोपी दोस्त
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत और शामली से जुटाए थे तमंचे
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने तीन तमंचों का इंतजाम किया था। पूछताछ में उन्होंने बताया कि हथियार बागपत और शामली क्षेत्र से खरीदे गए थे। पुलिस अब उन लोगों की तलाश में जुट गई है जिन्होंने आरोपियों तक हथियार पहुंचाए।
4 of 14
राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी मोनू की हत्या का आरोपी
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेइज्जती हो रही थी, इसलिए कर दी हत्या
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी कार्तिक ने हत्या के पीछे अपनी सोच भी बताई। उसका कहना था कि बार-बार समझाने के बावजूद उसकी चचेरी बहन मोनू से बातचीत बंद नहीं कर रही थी। उसे लगने लगा था कि इससे परिवार की बेइज्जती हो रही है। इसी कारण उसने साथियों के साथ मिलकर मोनू की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।
5 of 14
राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी मोनू की फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी के चेहरे पर अपने कृत्य को लेकर कोई पछतावा नजर नहीं आया। वह पुलिस के सवालों का सामान्य तरीके से जवाब देता रहा और वारदात से जुड़े कई अहम तथ्य भी बताए।