प्रदेश में वर्ष 2017 से 2021 के बीच सरकार की ओर से माफ किए गए करीब 13 लाख वाहनों के चालानों की फिर जांच होगी। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गंभीर अपराधों में हुए चालानों की माफी पर चिंता जताने के बाद यह निर्णय हुआ है। इसमें गंभीर अपराधों वाले चालानों को फिर सक्रिय किया जाएगा। परिवहन विभाग को इसकी जिम्मेदारी साैंपी गई है। चालान फिर सक्रिय करने के लिए तीन श्रेणियां तय की गई हैं। इससे माफ हुए चालानों में से करीब चार लाख (30 से 35 फीसदी) मामलों में सजा या जुर्माना हो सकता है।




परिवहन विभाग चालानों की जांच के लिए सभी जिलों में एक कमेटी बनाएगा जो चालानों की समीक्षा करेगी। विभाग चिह्नित तीन श्रेणी के चालानों को खोजकर उन्हें फिर सक्रिय करेगा। इससे संबंधित वाहन मालिकों को उन चालानों को भरना होगा या नियमानुसार कार्रवाई होगी। दरअसल, सरकार ने एक तरफ से सभी चालान माफ कर दिए थे। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई थी। इसके बाद बीते दिनों सरकार ने अध्यादेश जारी कर कहा कि ऐसे गंभीर मामले जिनमें मौके पर या सिर्फ जुर्माना भरकर समझौता नहीं किया जा सकता है, उन चालानों को फिर से सक्रिय किया जाएगा। आदेश जारी होने के बाद परिवहन विभाग की ओर से जिला स्तर पर एक विशेष कमेटी बनाई जा रही है, जो श्रेणियों के अनुसार चालानों को एक्टिव करेगी।



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