Muzaffarnagarरक्षाबंधन के पर्व पर जब बाजारों में मिठाइयों की बिक्री चरम पर होती है, उसी समय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने मुजफ्फरनगर में ताबड़तोड़ छापेमारी कर मिठाइयों के नमूने इकट्ठे किए।

इस कार्रवाई का उद्देश्य है कि शहरवासियों को मिलावटी या अस्वच्छ खाद्य पदार्थ न परोसे जाएं। छापेमारी के बाद जिले के मिठाई विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है, वहीं आम लोग इस कदम से राहत महसूस कर रहे हैं।


लक्ष्य – रक्षाबंधन पर मिले सिर्फ शुद्ध मिठाई

पर्वों के मौके पर मिठाई विक्रेताओं द्वारा खोया, क्रीम, बर्फी, घेवर जैसी मिठाइयों में मिलावट की शिकायतें आम हो जाती हैं। इसी को मद्देनज़र रखते हुए आयुक्त खाद्य सुरक्षा लखनऊ के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया गया।

सहायक आयुक्त खाद्य अर्चना धीरान और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवकुमार मिश्र के नेतृत्व में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक ये सघन अभियान चलाया गया, जिसमें टीम ने कुल 8 नमूने संग्रहित कर जांच के लिए लैब भेजे।


इन दुकानों से लिये गए मिठाइयों के नमूने

बघरा के मोहल्ला शिव चौक स्थित श्रीराम स्वीट्स एंड नमकीन से

केवलपुरी कच्ची सड़क पर पुलिस चौकी के निकट

राजन स्वीट्स, केवलपुरी कच्ची सड़क से

महबूब स्वीट्स, कच्ची सड़क से

निशांत स्वीट्स से

इन सभी नमूनों को खाद्य प्रयोगशाला, लखनऊ भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्यवाही की जाएगी।


छापेमारी से दुकानदारों में मची हलचल

टीम की लगातार कार्रवाई से मिठाई विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है। कई दुकानदारों ने तुरंत अपनी स्टॉक की सफाई कराई और पुराना माल हटाया।

कुछ दुकानों पर स्टाफ नदारद मिला, तो कहीं सामग्री की गुणवत्ता को लेकर कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं था। खाद्य विभाग इन सभी बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है।


टीम ने नहीं छोड़ा कोई कोना — गांव से शहर तक फैला अभियान

सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि गांवों और कस्बों तक इस अभियान को फैलाया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि पर्वों के मौके पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।

टीम में शामिल रहे अधिकारी:

  • वैभव शर्मा (खाद्य सुरक्षा अधिकारी)

  • विशाल चौधरी

  • सुनील कुमार

  • कुलदीप सिंह


खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत होगी सख्त कार्यवाही

सहायक आयुक्त अर्चना धीरान ने कहा,
“नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद, जो भी विक्रेता दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

इसमें जुर्माना, लाइसेंस निरस्त करना, दुकान बंद कराना और यहां तक कि जेल तक की कार्यवाही शामिल हो सकती है।


बढ़ती मिलावट पर सख्ती जरूरी

हर साल त्योहारों के समय मिलावटी खाद्य पदार्थों से लोगों की सेहत पर असर पड़ता है। खोया में स्टार्च, मिठाई में रंग या सिंथेटिक फ्लेवर जैसे तत्व मिलाना आम हो गया है।

ऐसे में यह अभियान जनहित और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत जरूरी है।


क्या आप जान पाते हैं कि आपकी मिठाई कितनी शुद्ध है?

घर पर कैसे करें मिठाई की जांच?

  • खोया को हथेली पर रगड़ें, ज्यादा चिकनाई या दानेदारपन हो तो मिलावट संभव।

  • चांदी के वर्क पर ध्यान दें, असली चांदी पिघलती नहीं।

  • संगत रंग और तेज खुशबू भी मिलावट की पहचान है।


लोगों ने खाद्य सुरक्षा टीम की सराहना की

आम जनता ने विभाग के इस कदम की खुले मन से प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि
“हर त्योहार पर मिलावट माफिया सक्रिय हो जाते हैं, इस बार खाद्य विभाग की सख्ती से उन्हें सबक मिलेगा।”


आगे भी चलेगा यह अभियान, हर मिठाई होगी टेस्ट

अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कार्रवाई एक बार की नहीं, बल्कि त्योहारों के दौरान लगातार जारी रहेगी। हर मिठाई, हर सामग्री की जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।


रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ मुजफ्फरनगर में जिस सख्ती से कार्यवाही हो रही है, वह सराहनीय है। उम्मीद की जा रही है कि मिठाइयों में मिलावट का कड़वा स्वाद देने वालों को अब कानून का मीठा नहीं, कड़ा स्वाद चखना पड़ेगा।



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