राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में चोरी का मामला चार जून को गणना कक्ष के शौचालय में नकदी छिपाए जाने की घटना सामने आने के बाद शुरू हुआ। जून में मामला सार्वजनिक होने के बाद आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की गई।

पहली एसआईटी ने जांच की। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप पर एसआईटी का पुनर्गठन किया गया। अब 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण में चढ़ावा चोरी की 105 घटनाएं सामने आई हैं और जांच पूरी हो चुकी है।

इन 105 घटनाओं में प्रत्येक में कितनी रकम या सामान चोरी हुआ और किस आरोपी की किस घटना में क्या भूमिका थी, इसका पूरा विवरण अब चार्जशीट में सामने आना बाकी है।




Ram mandir donation Scam How the Full Story Unfolded from June 4 to September 21

राम मंदिर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


चार जून : गणना कक्ष में नकदी छिपाने का मामला सामने आया

राम मंदिर के चढ़ावे की गणना के दौरान गणना कक्ष के शौचालय में नकदी छिपाए जाने की घटना सामने आई। यही घटना आगे चलकर चढ़ावा चोरी की जांच का आधार बनी। बाद की जांच में सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और कई संदिग्ध घटनाएं सामने आईं।


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राम मंदिर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


सात जून : सपा नेता ने लगाए चोरी के आरोप

सपा नेता पवन पांडेय ने राम मंदिर के दानपात्र और चढ़ावे से करोड़ों रुपये की चोरी का आरोप लगाया। शाम को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर इस मामले को उठाया। उसी दिन राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने स्पष्टीकरण जारी किया।

 


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राम मंदिर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


आठ जून : ट्रस्ट ने आरोपों को खारिज किया

चंपत राय ने आरोपों को खारिज किया। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अयोध्या पहुंचे और मामले को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की।

 


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राम मंदिर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


10 जून : जांच की मांग और रिपोर्ट तलब

10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की। इसी दिन नृपेंद्र मिश्र ने अयोध्या पहुंचकर बैठक की।

 




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