श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्रकरण को लेकर रंगमहल बैरियर के निकट स्थित राम कचहरी मंदिर रामकोट में संतों और अयोध्यावासियों की ओर से आयोजित बैठक में चर्चा करने आए संतों ने कहा की जब तक किसी के ऊपर दोष सिद्ध न हो जाए तब तक उसको दोषी न करार दिया जाए।

उन्होंने कहा कि चंपत राय एक महान पुरुष हैं। उन्होंने राम मंदिर के लिए बहुत योगदान दिया है। किसी आरोप के चलते उनकी छवि को खराब न किया जाए। बहुत महान पुरुष हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के जो भी दोषी हैं उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाए। बैठक में महंत आचार्य सीताराम दास, महंत परमहंसाचार्य महाराज, महंत चन्देशु महाराज, महंत शशिकांत दास महाराज, महंत सतेंद्र दास वेदांती व अन्य मौजूद रहे।

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अनुकल्प मिश्रा हो सकता है चढ़ावा चोरी का मास्टरमाइंड

वहीं, चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब अनुकल्प मिश्रा की आर्थिक गतिविधियों पर केंद्रित हो गई है। सूत्रों के मुताबिक जांच में अब तक मिले तथ्यों के आधार पर अनुकल्प को चढ़ावा चोरी मामले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। उसकी संपत्तियों, खर्च और लेनदेन की जांच तेज की गई है।

सूत्रों के अनुसार मूलरूप से इनायतनगर क्षेत्र निवासी अनुकल्प मिश्रा वर्ष 2021-22 से मंदिर व्यवस्था से जुड़ा था। बीच में कुछ समय तक उसने काम छोड़ा और करीब दो वर्ष पहले फिर से जुड़ गया। जांच में उसके पास दो कार होने की जानकारी मिली है, जिनमें एक नई कार पिछले वर्ष खरीदी गई थी। इसमें गत वर्ष खरीदी गई कार की फोटो उसने सोशल मीडिया पर भी साझा किया था।

वहीं, अनुकल्प के घर आयोजित कथा में महिलाओं को वितरित करने के लिए खरीदी गई साड़ी भी जांच में शामिल है। सूत्रों के अनुसार अनुकल्प ने इसे कुमारगंज के एक व्यापारी से खरीदी थीं। इस संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है कि खरीद का भुगतान किस स्रोत से किया गया।



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