दान को लेकर पादर्शिता रखनी चाहिए। इसका हिसाब किताब रोजाना वेबसाइट पर उपलब्ध होना चाहिए। चढ़ावे में चोरी कब से हो रही थी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। स्पष्ट निर्देश हैं कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। गिनती करने वालों को बिना पॉकेट वाले कपड़े पहनने चाहिए। उनकी जमा तलाशी भी होनी चाहिए। लेकिन, चर्चा है कि लोग पॉकेट में गड्डियां लेकर बाहर गए।


राम मंदिर में दान की राशि में चोरी के प्रकरण को लेकर ये बड़ी बातें श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहीं। वह बृहस्पतिवार को एक नेशनल टीवी चैनल को इंटरव्यू दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गाइडलाइन सख्त है, क्रियान्यवन में कमी रह गई। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में एसबीआई की भी भूमिका को देखना होगा। बैंक इससे बच नहीं सकता, गिनती की जिम्मेदारी उनकी है। एमओयू है कि एसबीआई गिनती कराएगा। आगे उन्होंने कहा कि बेशकीमती धातु को लेकर भी एसआईटी जांच करेगी। श्रद्धालुओं ने दान पात्र में अंगूठियां भी डालीं। कान के गहने और सोने की चूड़ियां भी दान पात्र में डाले गए। दान पात्र में डाले गए आभूषण की रसीद नहीं हैं।



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