राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बयानों में विरोधाभास खुलकर सामने आ चुका है। एक तरफ जहां ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने गड़बड़ी की आशंका को नकार दिया था, वहीं नृपेंद्र मिश्र ने एक के बाद एक बयानों में आरोपों को सही बताया। यहां तक कि चोरी होने की बात स्वीकार करते हुए उन्होंने इसे डाका तक करार दिया। 

साफ है कि ट्रस्ट के जिम्मेदार लोग शुरू में लीपापोती करते हुए मामले को रफादफा करने में लगे थे। हालांकि, वे इसमें कामयाब नहीं हो सके। छह जून को चढ़ावा चोरी का मामला उजागर हुआ था। तब ट्रस्ट के पदाधिकारियों के हाथ-पैर फूलने लगे थे। यहां तक कि वे मीडिया के सामने भी नहीं आ रहे थे। जब मामले ने तूल पकड़ा, तब आठ जून को चंपत राय ने एक वीडियो बयान जारी किया था। 

उसमें उन्होंने कहा था, ‘‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अपने विभिन्न कार्यों का ऑडिट समय-समय पर करता रहता है। इसमें काउंटिंग का भी ऑडिट होता है। यह ऑडिट राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासीगण, कार्यकर्ता और एसबीआई के कर्मचारी मिलकर करते हैं। यह कार्य कई दिनों तक चलता है। यही कार्य आजकल चल रहा है। कोई भी उल्लेखनीय बात किसी के ध्यान में नहीं आई है।

ध्वजारोहण समारोह में चंपत राय की मौजूदगी को लेकर चर्चा

राम जन्मभूमि परिसर स्थित शेषावतार मंदिर में 23 जून को प्रस्तावित ध्वजारोहण समारोह की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। समारोह में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन के लिए छह हजार से अधिक विशिष्ट अतिथियों और श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है। हालांकि, राम मंदिर में चढ़ावा और दानराशि से जुड़े मामले की एसआईटी जांच के बीच यह आयोजन अब केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है।  सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय कार्यक्रम में मंच पर नजर आएंगे या नहीं। 

अनुभवी हाथों में देना होगा राम मंदिर का प्रबंधन : नृपेंद्र

अयोध्या। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक इंटरव्यू में फिर राम मंदिर के प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में करीब 1500 लोग अनौपचारिक तरीके से काम कर रहे हैं। यह एक मिनी सिटी की तरह है। उन्होंने कहा कि उनका निश्चित मत है कि पूरा प्रबंधन अनुभवी लोगों के हाथ में सौंप दिया जाना चाहिए। प्रबंधन के अंदर कोई स्ट्रक्चर नहीं है। काम का कोई बंटवारा नहीं है। प्रबंधन को अनुभवी हाथों में देना होगा। जिम्मेदारी स्पष्ट करनी होगी। नियम बने, वेतन हो, ऐसा सुझाव है। संवाद

दान में मिला तीन क्विंटल चांदी और 20 किलो सोना


  • श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भारत सरकार की संस्था मिंट (टकसाल) को जांच और गलाने के लिए पहले चरण में 9.44 क्विंटल (944 किलो) चांदी दी थी। राम मंदिर के लिए भक्तों की ओर से दान किए गए सोने और चांदी की गुणवत्ता और मात्रा के मूल्यांकन के लिए ट्रस्ट ने यह फैसला लिया था। 

  • चंपत राय ने कुछ महीने पहले यह जानकारी सार्वजनिक करते हुए बताया था कि दान के रूप में कुल 13 क्विंटल चांदी और 20 किलो सोना प्राप्त हुआ है। पहले चरण में 9.44 क्विंटल (944 किलो) चांदी गलाने के लिए भेजी गई। उन्होंने यह भी बताया था कि जांच में चांदी की शुद्धता 95 फीसदी पाई गई थी। इन्हें ईंटों के रूप में बैंक में संरक्षित किया गया है।

  • देशभर के सराफा कारोबारियों ने 10-10 और 20-20 ग्राम चांदी भेजकर करीब 60 किलो चांदी एकत्र की थी। इस चांदी को गलाकर एक से सवा किलो वजन की ईंटें तैयार की गई थीं, जिन पर दानदाताओं के नाम और गोत्र अंकित थे।  इसके अलावा ऋषिकेश एसोसिएशन की ओर से एक किलो चांदी का कलश भी भेंट किया गया था।

 



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